Pehchan Faridabad
Know Your City

दो लड़कियों को हुआ प्यार, मंदिर में शादी कर पति-पत्नी बनकर पहुंची थाने

समलैंगिक कानून को देश में इजाजत मिलने के बाद अब लोग खुलकर अपने रिश्ते को शादी के बंधन में बांध रहे हैं। कानपुर में भी दो लड़कियों ने एक साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया है। जी हां, कानपुर में दो युवतियों ने आपस में शादी कर ली।

शहर के बर्रा थाना क्षेत्र के गुंजन विहार के एक मंदिर में दोनों युवतियों ने आपस में विवाह की रस्मों को पूरा किया और फिर एक कमरा लेकर साथ रहने का फैसला किया। लोगों को मामला पता लगने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है। देखिए एक रिपोर्ट

जब दुनियाभर के समाजों का अध्यनन किया जाता है तो भारतीय समाज के बारे में ये कहा जाता है कि, वो पुरूष प्रधान समाज है तो क्या इस पुरूष प्रधान समाज से लड़कियों का भरोसा कुछ इस कदर उठ चुका है कि वो अपने जीवन साथी के रूप में किसी पुरूष को ना चुनकर किसी लड़की को ही चुन रही हैं।

ये सवाल भले ही किसी फिल्म की याद दिला रहा हो लेकिन, कानपुर में इस अनोखी समलैंगिक शादी ने इस पुरूष प्रधान समाज पर लड़कियों की बढ़ती असुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।

persons wearing denim jeans while holding hands
Photo by cottonbro on Pexels.com

इन लड़कियों ने बीते 25 अगस्त को बिठूर के एक मंदिर में 7 जन्मों का रिश्ता जोड़ लिया। उन्होंने ना केवल एक-दूसरे को बरमाला पहनाई बल्कि, सिंदूर लगाकर एक-दूसरे को मंगलसूत्र भी पहनाया हैरान करने वाली एक और बात सामने आई। कीर्ति और नंदनी ने पुलिस के सामने कहा,

‘हमें लड़कों से नफरत है लड़के बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

कीर्ति ने कहा, ‘मेरे परिवारवालों ने मेरी शादी कराई थी। वह लड़का मेरे साथ मारपीट करता था। नशे की हालत में मुझे प्रताड़ित करता था। इस वजह से मुझे लड़कों से नफरत हो गई है।

silhouettes of happy girlfriends enjoying sunset in nature
Photo by Wictor Cardoso on Pexels.com

दरअसल, कानपुर की रहने वाली दो सहेलियों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर आपस में शादी तो कर ली लेकिन, दोनों लड़कियों के परिवारवालों को ये बात नागबार गुजरी। जहां परिजनों ने चौकी में जमकर हंगामा किया। यही नहीं, लड़कियों ने परिवार के साथ जाने से इनकार कर दिया।

दोनों लड़कियों ने मंदिर में शादी की और किराए का मकान लेकर अलग रहने लगी हैं। उनका कहना है कि हम दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार है। लड़कियों का कहना है, अब हम दोनों अलग नहीं रह सकते है यदि हमे अलग करने का प्रयास किया तो, दोनों लोग अपनी जान दे देगें।

close up of tree against sky
Photo by Pixabay on Pexels.com

बता दें कि, बर्रा थाना क्षेत्र स्थित गुजंन विहार में रहने वाली कीर्ती तिवारी और पड़ोस में रहने वाली नंदनी गौतम का एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ही परिवारों को उनके प्रेम प्रसंग की जानकारी थी। हालांकि, परिवारवाले शादी को राजी नहीं थे। कीर्ती के परिवारवालों ने उसकी शादी 23 जनवरी 2019 को बर्रा सात में रहने वाले शंकर शुक्ला से कर दी थी।

बेशक भारत में समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता मिल गई है लेकिन, सामाजिक रूप से ऐसे रिश्ते को मान्यता मिलने में अभी काफी वक्त लगेगा। दोनों के रिश्तों को परिवारों की मंजूरी नहीं मिली है क्योंकि, परिजनों को समाज का डर सता रहा है।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More