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हाथरस गैंगरेप पर फूटा बॉलीवुड का गुस्सा, अक्षय से कंगना तक सभी ने एक सुर में की अपराधियों की सजा-ए-मौत की मांग

यूपी के हाथरस में दबंगों का शिकार हुई दलित युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। युवती के साथ हुई हैवानियत से पूरे देश में आज गुस्सा है। पीड़िता को न्याय दिलाने की आवाज आज हर घर से बुलंद हो रही है।

1 तारीख 14 सितंबर थी। जब हाथरस की बेटी के साथ दरिंदगी की थी। गैंगरेप के बाद हैवानों की हैवानियत यही खत्म नहीं हुई थी दलित बेटी के जीभ तक काट दी थी। 14 सितंबर से जिंदगी की जंग लड़ रही हाथरस की बेटी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। दलित युवती की मौत ने योगी सरकार पर विपक्ष को निशाना साधने का मौका मिल गया है।

सपा औऱ कांग्रेस ने हाथरस की बेटी की मौत के बाद सूबे की सरकार पर तीखा हमला किया है। इसी के साथ इस घटना को लेकर बॉलीवुड में भी बेहद गुस्सा नजर आ रहा है। अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, फरहान अख्तर और उर्मिला समेत कई सेलेब्स ने इस शर्मनाक घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

अक्षय कुमार ने लिखा, गुस्से में और निराश हूं। हाथरस गैंगरेप में कितनी क्रूरता हुई है। आखिर ये कब जाकर रुकेगा? हमारा कानून और उन्हें लागू करने वालों को सच में कठोर होना पड़ेगा। ताकि सजा के बारे में सोचकर ही बलात्कारी कांपने लगें। दोषियों को फांसी दो। बेटियों और बहनों की सुरक्षा के लिए कम से कम हम आवाज तो उठा सकते हैं।

रितेश देशमुख ने लिखा,

‘इस क्रूरता और भयानक अपराध के दोषियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए।’

फरहान अख्तर ने कहा,

‘दुखद! दुखद दिन। इसे कितने समय तक चलने दिया जा सकता है.. # हाथरस।

उर्मिला मातोंडकर ने कहा, ‘दुखद… अमानवीय बहुत बहुत दुखद… हम असफल रहे।

इस मुद्दे को लेकर किए अपने ट्वीट में कंगना रनोट ने लिखा था,

‘इन बलात्कारियों को सार्वजनिक रूप से गोली मार दो। इन सामूहिक दुष्कर्मों का क्या समाधान है, जिनकी संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है? इस देश के लिए कितना दुखद और शर्मनाक दिन है। हम शर्मिंदा हैं क्योंकि हम अपनी बेटियों की सुरक्षा में विफल रहे हैं। #RIPManishaValmiki’

गौरतलब है कि हाथरस जिले के थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 19 साल की दलित युवती पशुओं का चारा लेने के लिए खेत पर गई थी। इसी दौरान गांव के ही चार युवकों संदीप, लवकुश, रामू और रवि ने उसके साथ हैवानियत की थी।

फिर जान से मारने की नीयत से उस पर हमला किया था। युवती के चिल्लाने की आवाज सुनकर जब ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़े तो चारों आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने एक-एक करके वारदात में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इलाके के थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

पीड़िता के बयान के मुताबिक आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। साथ ही मुआवजे के लिए समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखा गया था, जिसे स्वीकृत कर लिया गया था।

इस बीच पुलिस ने मामले में जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है, जिसमें जिक्र किया गया है कि 14 सितंबर की घटना के बाद युवती की गर्दन टूटी थी। सीओ ने 22 सितंबर को महिला कांस्टेबल संग अस्पताल में पीड़िता का बयान दर्ज किया था, जिसमें उसने इशारों-इशारों में अपने साथ हुई दरिंदगी बयां की।

इसके बाद आरोपियों पर आईपीसी की धाराओं में बढ़ोतरी कर सभी को जेल भेज दिया गया है। इस बीच पीड़िता की मांग थी कि दरिंदों को फांसी दिलानी है। जब तक इंसाफ नहीं मिलता है, तब तक उन्हें खतरा रहेगा।

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