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इस छोटे से चूहे को बहादुरी के लिए दिया गया गोल्ड मेडल, यकीन नहीं होता तो पढ़े पूरी खबर

आजतक आपने सुना होगा कि चूहे से परेशान लोग घरों में चूहेदानी का इस्तेमाल करते है ताकि चूहा उस चूहेदानी में फंस जाए और उसे बाद में बाहर फेंक दिया जाएं। चूहे को भगाने के लिए लोग हर तरकीब निकालते है लेकिन चूहा सिर्फ नाक में दम करने वाला ही नहीं होता बल्कि बेहतरीन काम भी काम भी कर सकता है और ये साबित कर दिखाया है एक चूहे ने।

जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। ये चूहा अपनी बहादुरी के लिए सुर्खियां में है। जी हां एक ऐसा चूहा जो अपने बेहतरीन काम की वजह से मैडल हासिल किया है। अब आप सोच रहे होंगे भला एक चूहा को मैडल कैसे मिल सकता है।

हम बताते हैं दरअसल, हीरो रैट वो करता है जो कोई दूसरा चूहा नहीं करता। पहली बार एक विशालकाय चूहे ने कंबोडिया में बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए पशु बहादुरी के लिए एक ब्रिटिश चैरिटी के शीर्ष नागरिक पुरस्कार जीता है।

एक विशाल अफ्रीकी चूहा मगावा ने पिछले सात वर्षों में 39 बारूदी सुरंगों और 28 विस्फोटकों की खोज की है। इस बहादुरी और भक्ति के लिए चूहे पीडीएसए के गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। अपने 7 साल के करियर में इस हीरो रैट ने 39 लैंड माइंस ध्वस्त किए हैं।

मगावा को तैयार करने वाली संस्था एपीओपीओ पिछले करीब 30 साल से चूहों को ट्रेनिंग दे रही है और इन्हें स्निफर डॉग के जैसे बनाती हैं।

ये संस्था तंजानिया में काम करती है। बारूदी सुरंगे ढ़ूंढना और उनको खत्म करना बेहद मुश्किल काम है, लेकिन मगावा जैसे सुपर रैट के लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है।

इसी कारण इन कामों के लिए मगावा जैसे चूहों का इस्तेमाल किया जाता है। इन चूहों का खास ख्याल रखा जाता है। एजेंसी का कहना है कि इन चूहों को सूंगने की शक्ती कुत्तो से भी ज्यादा तोज होती है। और इसलिए इन्हें ‘हीरो माइस’ बुलाया जाता है।

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