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हरियाणा सरकार ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गठित की समिति, होगा ऐसा कार्य

हरियाणा सरकार ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य स्तरीय मादक पदार्थ उपयोग रोकथाम समिति और जिला स्तरीय मादक पदार्थ उपयोग रोकथाम समिति गठित की है ताकि लोगों, विशेषकर युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उसके दुष्प्रभावों से अवगत करवाया जा सके।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के प्रधान सचिव राज्य स्तरीय मादक पदार्थ उपयोग रोकथाम समिति के अध्यक्ष होंगे।

पुलिस महानिदेशक का एक प्रतिनिधि, उच्चतर शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और सूचना जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, मादक पदार्थ नियंत्रण बोर्ड हरियाणा का एक प्रतिनिधि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव द्वारा नामित चार गैर सरकारी संगठन, जो मादक पदार्थ रोकथाम के क्षेत्र में कार्य कर रहें और तीन सेवानिवृत्त वरिष्ठï सिविल कर्मचारी, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राज्य स्तरीय समन्वयक एजेंसी और केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की कार्यक्रम निगरानी इकाई के राज्य समन्वयक इसके सदस्य होंगे और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक इसके सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय मादक पदार्थ उपयोग रोकथाम समिति नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आने वाले जिलों में राज्य स्तरीय नशा मुक्त भारत अभियान समिति के रूप में कार्य करेगी। समिति नशा मुक्त भारत के तहत जिलों के साथ-साथ राज्य स्तरीय अभियान गतिविधियां तैयार करेंगी और जिला अभियानों का सूत्रीकरण एवंक्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

समिति ऐसे अभियानों में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी एवं सहयोग सुनिश्चित करेगी और राज्य स्तर, जिला स्तर एवं जिला स्तर से नीचे सेवा प्रदाताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके अतिरिक्त, समिति राज्य स्तरीय अभियान एवं क्रियान्वयन के लिए सोशल मीडिया रणनीति तैयार करेगी और संस्थानों, अस्पतालों एवं प्रभावित स्थलों का दौरा करेगी।

समिति शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध का कड़ाई से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी और मादक पदार्थों की उपलब्धता एवं बिक्री की जानकारी हासिल करेगी और ऐसी जानकारी पर की गई कार्यवाही की समीक्षा करेगी।

प्रवक्ता ने बताया कि संबंधित जिला उपायुक्त जिला स्तरीय मादक पदार्थ उपयोग रोकथाम समिति के अध्यक्ष होंगे। पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी, औषध नियंत्रण अधिकारी(एफडीए), उपायुक्त द्वारा नामित तीन गैर सरकारी संगठन, जो मादक पदार्थ रोकथाम के क्षेत्र में कार्य कर रहें और दो सेवानिवृत्त वरिष्ठï सिविल कर्मचारी और केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राज्य स्तरीय समन्वयक एजेंसी इसके सदस्य होंगे और जिला समाज कल्याण अधिकारी इसके सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।

जिला स्तरीय मादक पदार्थ उपयोग रोकथाम समिति जिलों में अभियान का सूत्रीकरण एवंक्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए जिला के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी और इस संबंध में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए कॉलेजों में विद्यार्थियों के क्लब गठित करेगी। नशे की लत में गिरफ्त लोगों की पहचान करेगी और उन्हें उपचार एवं परामर्श के लिए पुनर्वास केन्द्रों एवं अस्पतालों में ले जाएगी और उन्हें वहां उपलब्ध करवाए जा रहे परामर्श एवं उपचार का निरीक्षण करेगी।

समिति शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध का कड़ाई से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी और मादक पदार्थों की उपलब्धता एवं बिक्री की जानकारी हासिल करेगी और ऐसी जानकारी पर की गई कार्यवाही की समीक्षा करेगी। सेवाएं प्रदान कर रहे अस्पतालों एवं संस्थानों का दौरा करेगी।

जिला स्तरीय नशामुक्ति अभियानों में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी एवं सहयोग सुनिश्चित करेगी और जिला स्तर एवं जिला स्तर से नीचे सेवा प्रदाताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके अतिरिक्त, समिति जिला स्तरीय अभियान एवं क्रियान्वयन के लिए सोशल मीडिया रणनीति तैयार करेगी। राज्य स्तरीय समिति और मंत्रालय को अपने कार्यक्रमों की प्रतिपुष्टिï देगी। स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं की पहचान करेगी, उन्हें पहचान पत्र या बैज देगी और समुदाय में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए उन्हें सामुदायिक सहकर्मी के रूप में प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

इसके अतिरिक्त, समिति माह के दौरान नशा तस्करी के बारे इंटेलिजेंस के साथ सहयोग एवं जानकारी सांझा करके संबंधित एजेंसियों द्वारा पकड़े गए ऐसे मामलों में की गई प्रगति की समीक्षा करेगी। समिति महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को अपनी रिपोर्ट प्रेषित करेगी और इसकी एक प्रति निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को भी भेजेगी।

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