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रात्रि पूजा में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, होता है नुकसान

शास्त्रों के अनुसार रात को पूजा के समय शंख नहीं बजाना चाहिए। मान्यता है कि रात के समय पूजा करने से देवी-देवताओं की नींद खराब हो जाती है। दरअसल, सूर्य डूबने के बाद देवी-देवता सोने चले जाते हैं और शंख की आवाज से उनकी नींद टूट जाती हैं।

शंख की आवाज से वातावरण में मौजूद अन्य प्रकार के जीवों के विश्राम मे भी परेशानी आती है। ऐसे में शंख बजाने से लाभ की जगह हानि होती है। रात में शंख का प्रयोग न करें अगर रात की पूजा का पूर्ण लाभ चाहते हैं।

इसी प्रकार रात की पूजा में घंटी नहीं बजानी चाहिए। घंटी की आवाज भी देवी-देवताओं की नींद में रुकावट डालती है। इसलिए शास्त्रों में बताया है कि सूर्यास्त के बाद घंटी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

रात में पाँच देव की पूजा नहीं करनी चाहिए।

सूर्य देव, भगवान गणेश, देवी दुर्गा, भगवान शिव और भगवान विष्णुजी। कहा जाता हैं कि सूर्यास्त के समय पंचदेवता की पूजा करने से जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्तों को छूना और तोड़ना नही चाहिए।

इस समय तुलसी को छूना गलत बताया गया है क्योंकि इस समय तुलसीजी लीला करने चली जाती हैं। इस समय तुलसी की आरती दीपक जलाकर करनी चाहिए। सूर्यास्त के समय तुलसी के पत्तों को छूने से धन का संकट आ जाता है।

रात के समय पूजा करते समय आपका मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और वास्तु में भी इस दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। साथ ही भगवान शिव की पूजा में हमेशा ही उत्तर दिशा को प्रमुखता दी गई है। इस दिशा में पूजा करने से धन-धान्य के साथ सुख संपत्ति में भी बढ़ोतरी होती है। यह दिशा स्थिरता का सूचक है और कुबेर की सीधी दृष्टि इस दिशा पर पड़ती है।

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