Pehchan Faridabad
Know Your City

पढ़ाई छोड़ी, कई बार हुए रिजेक्ट, खुद पिच बनाई और बने IPL 2020 का हिस्सा, ये हैं रवि बिश्नोई

ढ़ाई का क्रिकेट से कोई लेना- देना नहीं होता तभी तो पढ़ाई न करते हुए भी क्रिकेट में नाम कमा गए। अक्सर देखा जाता है कि देश में जो क्रिकेट प्रेमी है वो क्रिकेट की चाह में पढ़ाई तक करना छोड़ देते है या फिर पढ़ाई को ज्यादा महत्व नहीं देते है। क्योंकि उनका मानना होता है कि अगर आप क्रिकेट में आ जाते है या फिर आपको एक मौका मिल जाता है तो आपके लिए वो सुनहरा मौका हो सकता हैं।

पढ़ाई तो आप जीवन में कभी भी कर सकते है लेकिन मौका जब आपका दरवाजा खटखटाता है तो उस दरवाजे को आपको खोलना ही चाहिए, क्योंकि हो सकता है मौका आपका साथ दे दे।

तो ऐसे कई क्रिकेटर्स है जिहोंने पढ़ाई को तवज्जों न देते हुए सबसे पहले क्रिकेट को दी हैं। देखिये पढ़ाई न करते हुए अगर आपको मौका मिलता है राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, रणजी, डोमेस्टिक किसी भी तरह के क्रिकेट को खेलने के लिए तो उसे भाग खड़ा होना चाहिए।

ऐसा ही एक हमारा हिंदुस्तानी नौजवान आगे आया है। आईपीएल 2020 में जिस तरीके से उसने अपना नाम कमाया है। ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

ऐसे कई नौजवान है जिन्होंने अपनी किस्मत आईपीएल में चमकाई है, इन्हीं में से एक रवि बिश्नोई जो किंग्स इलेवन पंजाब में खेल रहे है। जिन्होंने आईपीएल में खेलते हुए दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। लेग स्पिनर रवि ने अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था।

बता दे कि रवि आईपीएल का हिस्सा बनने वाले राजस्थान के 13वें क्रिकेटर बन गए। अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2020 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 20 वर्षीय युवा स्पिनर पर सबकी उम्मीदें बनी हुई हैं।

वहीं उन्होंने सबकी उम्मीदों पर खड़ा होते हुए किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली कैपिटल के बीच हुए मुकाबले में अपने आपको साबित करके दिखाया है। इनके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए भारत के दिग्गज स्पिनर रहे अनिल कुंबले भी खुद को ताली बजाने से नहीं रोक पाए।

अब उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल तो जीत लिया लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए रवि को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

इन सबके बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। वहीं रवि बिश्नोई का जन्म 5 सितंबर 2000 को जोधपुर जिले के गांव बिरामी, राजस्थान में हुआ था। रवि बिश्नोई को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का बहुत ज्यादा शौक था। जोधपुर में क्रिकेट खेलने के लिए ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन रवि ने सुविधाओं के अभाव में हिम्मत नहीं छोड़ी।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More