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17 अक्टूबर से से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, जानें घटस्थापना का महत्व व शुभ मुहूर्त

आ गए मां के नवरात्रे, मांग लो मां से मुरादे, मां मुरादे पूरी कर दे तो हलवा बाटूंगी आपने गाना तो सुना ही होगा। मां का बहुत ही स्वादिष्ठ व्यंजन मां का पसंदीदा भोग हलवा पूरी और चना होता हज। आपको बता दे कि 17 अक्टूबर को पहला शरद नवरात्रि है और पहले नवरात्रि में ही माता की चौकी की स्थापना की जाती है।

आखिरी नवरात्रि 26 अक्टूबर को है। हर कोई अपने घरों में नवरात्रों में जब नवरात्रि के दिन में व्रत रखता है, मां की पूजा करता है और जब कोई अष्टमी मनाता है , कोई नवमी मनाता है तो मां को खुश करने के लिए पूरे श्रद्धा भाव के साथ कन्या पूजन किया जाता है। क्योंकि कन्या मां का रूप होती है।

इसी देवी के रूप के जो 9 दिन होते है वो 9 रूपों से जुड़े हुए होते है। वो कौन से 9 रूप है आइए बताते है। शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी,
सिद्धिदात्री है।

इन 9 रूपों की पूजा 9 दिनों के लिए जनमानस करता है और ये जो पावन महीना नवरात्रों का होता है इस पावन महीने में मां हर किसी की मुराद पूरी करती है लेकिन मुराद हम किस मन से मांगते है ये हमपर निर्भर करता है।

क्योंकि जो इतिहास गवाही देता है उस इतिहास की गवाही के तौर पर हम सभी को ये पता है कि मां अपने आप में एक ऐसा नाम है, अपने आप में ऐसी एक परिभाषा है शायद परिभाषित न किया जा सके।

मां अपने भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी करती है। नवरात्रों में जो मां के भक्त होते है वो मां की विशेष पूजा अर्चना करते है। जगह- जगह पंडाल बनाये जाते है, घरों में मंदिर सजाए जाते है लेकिन इस बार कही न कही एक महामारी की वजह से नहीं हो पा रही है।

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