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क्यों छुपा रहे हैं अधिकारी बच्चों की पढ़ाई से संबंधित जानकारी

सूचना का अधिकार अधिनियम जब आया था, सभी लोगों में ख़ुशी की लेहर दौड़ पड़ी थी। लेकिन फरीदाबाद में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यस्था में ओर भी सुधार से संबंधित आरटीआई में जानकारी नहीं देने पर जिले के 6 शिक्षा अधिकारीयों पर 25 – 25 हज़ार का जुर्माना लगा है। भारत में रहने वाले हर भारतीय नागरिक को सूचना का अधिकार हैं।

हर भारतीय को सूचना का अधिकार है लेकिन अधिकारीयों ने इस संबंध में जानकारी नहीं दी। हर दिन 4800 से अधिक RTI आवेदन दायर की जाती है, यह अनुमान वर्ष 2016 का है।

अधिकारीयों के ऐसे कारनामों के कारण जनता का भरोसा प्रशासन से उठ जाता है। आपको बता दें सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 अपनी यात्रा में काफी उपलब्धियां हासिल कर चुका है। नागरिकों न केवल महत्वपूर्ण सूचनाएं ही प्राप्त हो रही हैं बल्कि ये सूचनाएं कई बार सिर्फ सूचनाओं तक ही नहीं सीमित होकर अपनी उपयोगिता कई परिप्रेक्ष्य में सिद्ध करती है।

जनता का भरोसा न उठे इसलिए सरकार ने ऐसे अधिकारीयों के लिए सख्त कानून भी बनाये हैं। बता दें, केंद्र राज्य स्तर पर सभी विभागों में सूचना का अधिकार लागू कर दिया गया है और इसके लिए अलग विभाग से लेकर कार्यालयों में सूचना की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत कर्मचारियों को मनोनीत लोक सूचना अधिकारी के रुप में नियुक्त किया गया गया है।

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