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हवा कहें या फिर ज़हरीली हवा, जिले में प्रदूषण का स्तर आसमान छूता हुआ

जैसे – जैसे सर्दी नज़दीक आती जा रही हैं वैसे – वैसे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। फरीदाबाद में लगातार वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। मंगलवार के दिन जिले के वातावरण में प्रदूषण तत्व पर्टिकुलेट मैटर 2.5 की मात्रा 300 माइक्रोग्राम के पार पहुंच गई। जबकि बल्लभगढ़ में फरीदाबाद के मुकाबले हवा साफ रही।

जनता को अपने घरों से बाहर निकलने में बहुत तकलीफ हो रही है। फरीदाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आता है। यहां प्रदूषण का स्तर हमेशा सामान्य से दो से चार गुना तक बढ़ा रहता है। वहीं, लॉकडाउन के दौरान इसमें काफी सुधार हुआ था।

देश के सबसे ज़्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में शामिल फरीदाबाद लगातार प्रदूषण से घिरता जा रहा है। गत समय में इसके स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले एक सप्ताह से वायुमंडल में प्रदूषक तत्व पर्टिकुलेट मैटर 2.5 की मात्रा 200 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर के आसपास रही। शाम को अचानक आसमान में धुएं का गुबार छाया रहा, जिससे लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन होने की समस्या होने लगी।

जिनको सांस से संबंधित रोग है वह इस समय बाहर निकलना सही नहीं समझ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार, मंगलवार को पीएम 2.5 की मात्रा 300 माइक्रोग्राम के पार पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण स्तर 300 माइक्रोग्राम को पीछे छोड़ते फरीदाबाद का एक्यूआई बढ़कर 314 माइक्रोग्राम तक पहुंच गया। जोकि बहुत ही खराब है।

यह समय दमा रोगियों के लिए सही नहीं है। परेशानी लगातार बढ़ रही है और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। आपको बता दें, फरीदाबाद के मुकाबले मंगलवार को बल्लभगढ़ की हवा काफी शुद्ध रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार बल्लभगढ़ में मंगलवार को एक्यूआई 138 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि फरीदाबाद में इससे दोगुना दर्ज किया गया।

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