Pehchan Faridabad
Know Your City

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के बढ़ते आंदोलन के बीच बदलने लगा राजनीति का रंग

केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया कृषि अध्यादेश स्वयं बीजेपी सरकार के लिए और खास करके हरियाणा सरकार में आंदोलन के रूप में कार्य कर रहा है। ज्यों ज्यों किसानों का प्रदर्शन तेजी से आगे बढ़ रहा है त्यों त्यों राजनीतिक रंग में भी परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं।

जहां कृषि अध्यादेश का विरोध प्रदर्शन किसानों द्वारा किया जा रहा है। वहीं इस विषय को भुनाने में और किसानों का समर्थन करने में विपक्षी पार्टी जोरों शोरों से जुटी हुई है। ऐसे में कुछ तो सामने आकर किसानों का साथ दे रहे हैं तो वहीं कुछ पर्दे के पीछे भी।

जहां कांग्रेस और इनेलो पार्टी द्वारा विपक्षी सरकार को सवालिया कटघरे में खड़ा कर दिया है। वही हरियाणा सरकार में बीजेपी की सहयोगी पार्टी जे जे पी सरकार मौन साधे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक दुष्यंत चौटाला 2 दिन पहले चंडीगढ़ आए और उसके बाद फिर शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो गए, लेकिन अब तक कोई बयान नहीं आया। पहले दुष्यंत इन कानूनों को किसानों के हक में बता चुके हैं।

वही सीएम मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि केंद्र सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। मेरी सभी किसान भाइयों से अपील है कि अपने सभी जायज मुद्दों के लिए केंद्र से सीधे बातचीत करें।

आंदोलन इसका जरिया नहीं है। वही हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि किसानों के आंदोलन के मास्टर माइंड पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंदर सिंह हैं। आंदोलन में पंजाब सरकार के कुछ लोग सामने आए हैं, जो किसानों को रास्ता दिखा रहे थे। पंजाब ने किसानों को रोकने की कोशिश नहीं की।

अभय चौटाला बोले कि किसानों की आवाज दबाने के लिए सरकार ने बलपूर्वक कदम उठाकर साबित कर दिया कि प्रदेश और देश में सिर्फ कमजोर-कायर सरकार ही नहीं अपितु पूर्णत्या किसान विरोधी सरकार है। इस कदम की पूर्णत्या निंदा करते हैं।

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बात करें तो वह कहते हैं कि किसान कि आंखों में पहले से ही आंसू हैं। उन पर क्यों आंसू गैस छोड़ते हो। अपील है कि शांतिपूर्ण आंदोलनरत किसानों के रुकने-ठहरने, खाने-पीने का प्रबंध, उपचार-डॉक्टरी मदद का हर संभव प्रयास करें।

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मनोहर लाल सरकार और हरियाणा पुलिस की बर्बरता के सामने किसानों ने जो संयम दिखाया, उसने काफी प्रभावित किया है। किसानों को टकराव में कोई दिलचस्पी नहीं, वे केवल बताना वो चाहते हैं, जो उनका संवैधानिक अधिकार है।

रणदीप सुरजेवाला बोले कि जब गांधी जी की सत्य अहिंसा की लाठी लेकर निकले तो दुनिया का सबसे बड़ा ब्रिटिश साम्राज्य तिनके की तरह बिखर गया। आज फिर दिल्ली दरबार के भाजपाई अहंकारियों के खिलाफ हुंकार गूंजी है। कांग्रेस काले कानूनों को खत्म करने को वचनबद्ध है।

कांग्रेस पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा ने किसान हित पर बोलते हुए कहा कि किसान-मजदूर-आढ़ती भाइयों के साथ खड़ी है। राहुल गांधी ने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी की सरकार आने पर इन कृषि विरोधी काले कानूनों को वापस लिया जाएगा।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More