किसानों के आरोपों पर अदाणी ग्रुप की सफाई, कहा किसानों से अनाज खरीदते नहीं, केवल एफसीआई के लिए भंडारण करते हैं

कृषि सुधार बिल के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शनों में अपना नाम आने को लेकर, अदाणी ग्रुप ने कहा है कि वह न तो किसानों से अनाज खरीदता है और न ही अनाज का मूल्य तय करता है। पोर्ट से लेकर एनर्जी सेकटर तक में सक्रिय, इस ग्रुप ने कहा कि यह केवल फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के लिए अनाज के साइलोज विकसित और संचालित करता है।

किसानों के आरोपों पर अदाणी ग्रुप की सफाई, कहा किसानों से अनाज खरीदते नहीं, केवल एफसीआई के लिए भंडारण करते हैं

ग्रुप ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा है कि “भंडारण की मात्रा तय करने और अनाज का मूल्य निर्धारित करने में कंपनी की कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि यह केवल एफसीआई के लिए एक सेवा/बुनियादी ढांचा प्रदान करती है।” एफसीआई किसानों से अनाज खरीदता है और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के ज़रिये निर्मित साइलोज में संग्रह करता है। निजी कंपनियों को अनाज भंडार निर्माण और भंडारण के लिए एक फीस दी जाती है, कमोडिटी के स्वामित्व के साथ-साथ इसके मार्केटिंग और वितरण अधिकारएफसीआई के पास हैं।

ग्रुप ने बताया कि एफसीआई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए अनाज की खरीद और आवाजाही को नियंत्रित करता है। तीन कृषि सुधार बिलों के खिलाफ, जो अन्य चीजों के अलावा किसानों को अपनी उपज किसी को भी बेचने की आजादी देती हैं, अपने आंदोलन में किसान समूहों ने आरोप लगाया है कि इन कानूनों को अंबानी और अदाणी के पक्ष में बनाया गया है।

कुछ कृषि समूहों ने आरोप लगाया है कि अदाणी ग्रुप अनाज की जमाखोरी, और बाद में अनाज को अधिक कीमत पर बेचने के लिए, अनाज भंडारण सुविधाओं का निर्माण कर रहा है। ग्रुप ने कहा कि “हम किसानों से खरीदे गए किसी भी अनाज के मालिक नहीं हैं, और अनाज के मूल्य निर्धारण से किसी रूप में नहीं जुड़े हैं।”

अदाणी ग्रुप ने कहा कि वह2005 से एफसीआई के लिए अनाज साइलोस के विकास और परिचालन के व्यवसाय में है। अदाणी ग्रुप भारत सरकार द्वारा लाई गई प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी निविदा हासिल करने के बाद भंडारण के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करता है। बयान में कहा गया है कि इन निविदाओं के हिस्से के रूप में, ग्रुप ने निजी रेल लाइनों को बनाया है, ताकि साइलो यूनिट से पूरे भारत में वितरण केंद्रों तक अनाज की आवाजाही को आसान बनाया जा सके।

बयान में बताया है कि एफसीआई देश में भंडारण और परिवहन के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए ऐसे अनुबंध करता है, ताकि अनाज का सुरक्षित रूप से संग्रह किया जा सके और पीडीएस प्रणाली को गुणवत्ता वाली वस्तुओं की आपूर्ति की जा सके। अदाणी ग्रुप ने कहा कि ”कीचड़ उछालने के लिए चल रहे मुद्दों का इस्तेमाल करना एक जिम्मेदार कॉरपोरेट की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का न केवल एक स्पष्ट प्रयास है, बल्कि जनता की राय को भी गलत राह पर ले जाता है और उसकी भावना को आहत करता है।”

एफसीआई ने अनाज के भंडारण हेतु निजी निवेशकों के साथ दो से चार साल के लिए नवीनतम फयूमिगेशन और प्रीजर्वेशन तकनीक-युक्त उच्च तकनीक वाले साइलोज को कमीशन करने और अनाज को पूरे भारत में विशेष ट्रेनों के माध्यम से थोक में भेजने के लिए साझेदारी की है। अनुमान है कि स्थापना के बाद से, कुछ प्रमुख निजी अनाज भंडारण केंद्रों ने पिछले पांच वर्षों में किसानों से लगभग 80,000 टन प्रति वर्ष की औसत प्रत्यक्ष प्राप्ति दर्ज की है। पीटीआई एएनज़ेड आरएएम

Avinash Kumar Singh

Recent Posts

हरियाणा के इस जिले में 4.53 करोड़ की परियोजना जल्द होगी शुरू, इन जर्जर सड़कों के नवीनीकरण को मंजूरी

जिले में लंबे समय से बदहाल पड़ी दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण को आखिरकार मंजूरी…

4 months ago

हरियाणा के इस जिले में 4.53 करोड़ की परियोजना जल्द होगी शुरू, इन जर्जर सड़कों के नवीनीकरण को मंजूरी

जिले में लंबे समय से बदहाल पड़ी दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण को आखिरकार मंजूरी…

4 months ago

फरीदाबाद के मोहना–बागपुर रोड की जर्जर हालत से बढ़ी परेशानी, धूल और गड्ढों से हादसों का खतरा तेज

फरीदाबाद के मोहना से बागपुर जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों लोगों के लिए बड़ी…

4 months ago

फरीदाबाद में अब वाहनों की गति होगी नियंत्रित, बढ़ेगी सड़क सुरक्षा, हाई-रिस्क रूट्स पर लगेगा स्पीड रडार नेटवर्क

फरीदाबाद में बढ़ती तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए…

4 months ago

फरीदाबाद की हवा फिर हुई जहरीली,  लोगों की सेहत पर आ सकता है बड़ा खतरा

फरीदाबाद की हवा एक बार फिर से सेहत के लिए खतरा बनती नजर आ रही…

4 months ago

फरीदाबाद के इस सेक्टर में बनेगा हाईटेक पार्किंग सिस्टम, यात्रियों को मिलेगी जाम से मुक्ति

फरीदाबाद के सेक्टर-19 की स्पेशल मार्केट और मेट्रो स्टेशन के पीछे तैयार की जा रही…

4 months ago