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फेफड़ों तक पहुँची संक्रमण की गिरफ्त गृहमंत्री अनिल विज ने सरकारी अस्पताल पर जताया भरोसा

इन दिनों हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन्हें पीजीआई रोहतक में भर्ती कर उनकी प्लाजमा थेरेपी करने का कार्य शुरू किया जाएगा। इस बात से सभी परिचित हैं कि कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में शामिल होने के बाद और को वैक्सीन लेने के 10 दिन के भीतर ही गृह मंत्री अनिल विज की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित पाई गई थी।

इतना ही नहीं अनिल विज की दूसरे रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन्हें पीजीआई में स्पेशल वार्ड नंबर 24 उपलब्ध करवाया गया है। जहां डॉक्टरों की निगरानी की जा रही है। इतना ही नहीं गृह मंत्री अनिल विज को खास तौर पर विशेष टीम के द्वारा ही इलाज दिया जा रहा है।

आपको बता दें कि विज को पहले अंबाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां यह बात सामने निकल कर आए थे कि अब संक्रमण गृह मंत्री के फेफड़ों तक जा पहुंचा है। जिसके बाद ना सिर्फ डॉक्टरों ने बल्कि स्वयं वेज के परिवार ने भी उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी

परंतु अनिल विज ने ऐसा करने से कतई इंकार कर दिया था। उन्होंने मेदांता अस्पताल ना जाने के पीछे कारण बताते हुए कहा कि उन्हें सरकारी तंत्र और डॉक्टरों पर पूरा भरोसा है और वो पीजीआइ रोहतक में ही अपना इलाज कराएंगे। इसके बाद उन्हें अंबाला के सिविल अस्पताल से पीजीआई रोहतक शिफ्ट किया गया।

गौरतलब, बीते 20 नवंबर को ही कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का पहला टीका गृह मंत्री अनिल विज को लगाया गया था। उन्हें अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में यह टीका लगाया गया था। पीजीआई रोहतक की टीम की निगरानी में ही मंत्री विज ने वैक्सीन का टीका लगाया था।

इसके बाद आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया था।इससे पहले रोहतक पीजीआई की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खून का नमूना लिया था। जिसके बाद गृह मंत्री अनिल विज ने स्वयं 5 दिसंबर को अपने कोरोना संक्रमित होने की बात की जानकारी ट्वीट करके दी थी। इसके बाद से ही तमाम नेताओं ने उनके स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना भी की थी।

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