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आंदोलन के 25वें दिन सैकड़ों किसान मनाएंगे शहीदी दिवस, देंगे श्रद्धांजलि

3 नए कृषि कानून बिलों के खिलाफ सैकड़ों किसानों का आंदोलन दिल्ली से सटे हरियाणा यूपी बॉर्डर पर अभी भी तूल पकड़ा हुआ है। किसान आंदोलन को आज लगभग 25 दिन पूरे होने को है और इधर अभी तक इस आंदोलन का कोई भी परिणाम निकल के सामने नहीं आ पाया है।

वहीं रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पहुंचे हुए थे जहां उन्होंने मत्था टेका। उनका यहां आना पहले से तय नहीं था। वे अचानक गुरुद्वारा पहुंचे थे।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के चीफ सेक्रेटरी मांगेराम त्यागी ने बताया कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों द्वारा आज शहीदी दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान धरना स्थल पर ही शहीदों को श्रद्धांजलि देने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

इसी कड़ी में पंजाब से आए वॉलंटियर्स के एक ग्रुप ने सिंघु बॉर्डर पर पगड़ी लंगर शुरू किया है। यहां किसानों को फ्री में पगड़ी बांधी जा रही है। वॉलंटियर्स पग भी अपने साथ लाए हैं। यह भी मुफ्त दी जा रही है। उनका कहना है कि हम लोगों को बता रहे हैं कि पग कैसे बांधी जाती है। उन्होंने बताया कि पग बांधने के साथ साथ इसकी मेहत्वत का बखान भी बखूबी किया जा रहा है।

पंजाब के एक टैटू आर्टिस्ट ने आंदोलन वाली जगह पर स्टॉल लगाया है। यहां किसानों को फ्री में टैटू बनाए जा रहे हैं। टैटू बना रहे रविंद्र सिंह ने बताया कि इस पहल का मकसद किसानों को मोटिवेट करना है। इससे यह आंदोलन उनके लिए यादगार बन जाएगा।

रविंद्र ने बताया कि मैं लुधियाना से आकर किसानों के हाथ पर टैटू बना रहा हूं। यह भी उन्हें समर्थन देने का एक तरीका है। अब तक 30 किसानों ने टैटू बनवाए हैं। इनमें से ज्यादातर ने ट्रैक्टर, फसल, पंजाब का नक्शा और मोटिवेशनल कोट बनवाया है।

पंजाब के अलग-अलग अस्पतालों का मेडिकल स्टाफ किसानों की मदद के लिए पहुंच रहा हे। उनका कहना है कि हम यहां किसानों के समर्थन में आए हैं। लुधियाना के एक अस्पताल में नर्स हर्षदीप कौर ने बताया कि अगर कोई बीमार पड़ता है तो हम उसके इलाज के लिए तैयार हैं।

कृषि कानूनों के विरोध में राजस्थान में भी 12 दिसंबर से आंदोलन किया जा रहा है। अलवर के शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर 30×15 फीट के टैंट शुरू होकर इसका दायरा अब करीब एक किलोमीटर तक फैल चुका है।

राजस्थान में हो रहे आंदोलन में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के किसान संगठनों के प्रतिनिधि और किसान भी शामिल हुए हैं। उनके लिए टैंट लगाए गए हैं। यहां रात का पारा चार डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने लगा है। खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं, लेकिन किसान डटे हुए हैं

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