HomeFaridabadशादी से पहले पूछा पत्नि बनोगी हमारी? शादी के बाद बना दिया...

शादी से पहले पूछा पत्नि बनोगी हमारी? शादी के बाद बना दिया भिखारी पढ़े खबर

Published on

हर एक लड़की का सपना होता है कि उसका होने वाला पति यानी कि हमसफर जिंदगी भर उसे संभाले उसका ख्याल रखें और बदले में वह उसे अपना पूरा जीवन न्योछावर कर देती हैं। मगर हर किसी की किस्मत में ऐसा लिखा नहीं होता। कुछ की हालत बदतर तो कुछ की बद से बदतर हो जाती हैं।

मगर जिंदा रहते हुए भी एक नर की जीवन जीना कैसा महसूस होता होगा। अगर आपने नहीं सुना तो आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे कि जिसकी दर्दनाक दास्तान सुन आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

शादी से पहले पूछा पत्नि बनोगी हमारी? शादी के बाद बना दिया भिखारी पढ़े खबर

इस महिला का नाम बसंती उर्फ सरोज है। यह महिला ना सिर्फ कुशल बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्नति के और हमेशा अग्रसर रहती थी। 4 साल बाद एक बार फिर उक्त महिला के परिवार ने अपनी बेटी को देखा तो उसकी हालत देख उनकी आंखें भी नम हो गई थी। परिजनों को क्या पता था कि जिस बेटी को वह शादी कर एक कुशल जीवन के लिए भेज रहे हैं, बदले में वह एक नरकीय जीवन से गुजर कर आएगी।

दरअसल बसंती उर्फ सरोज की शादी 2005 में हुई थी। शादी के बाद जैसे सरोज का पूरा जीवन ही बदल गया हो पति के साथ तालमेल कुछ अच्छी नहीं बैठती थी। इसके बाद दोनों अलग-अलग अपना गुजर-बसर करने लगे थे। कभी आना जाना लगा रहता था लेकिन एक दिन ऐसा भी आया है कि उसका पति उसे हमेशा के लिए छोड़ कर चला गया।

शादी से पहले पूछा पत्नि बनोगी हमारी? शादी के बाद बना दिया भिखारी पढ़े खबर

जिसके बाद सरोज भी दिमागी रूप से बीमार रहने लगी थी और इसी दुख के चलते 2016 में वह अपने दोनों बच्चों को छोड़कर कहीं लापता हो गई। सरोज ने 4 साल अपना जीवन फुटपाथ पर भीख मांग कर तो कभी पागलों की तरह सड़कों पर गुजारा।

लगभग एक हफ्ता पहले पलवल में सरोज लावारिस हालत में घूम रही थी जिसके बाद प्रेम नामक एक समाजसेवी व्यक्ति ने सदर थाना पुलिस की मदद से महिला को पलवल हॉस्पिटल में एडमिट करा लिया और मेवात रेफर करा लिया गया।

चार-पांच दिन दवाई चलने के बाद महिला की हालात स्थिर हुई। जिसके बाद महिला ने अपने गांव का नाम बताया तो प्रेम ने स्टेट क्राइम ब्रांच के एएसआई अमरसिंह से संपर्क किया। एएस आई अमर सिंह ने गांव को गूगल पर चेक किया और खेड़ी गांव से मिलते जुलते नाम मिलते तो उनके थानों में फोन किया।

ऐसे ही कड़ी चलती रही तो खंडवा जिला पुलिस के कंट्रोल रूम अधिकारी ने इस मामले में बहुत मदद की जिनकी मदद से खेड़ी गांव में अज्ञात महिला का परिवार मिल गया। जिसके बाद आज बसंती/सरोज के सगे भाई देवी राम और राम आए और अपनी बहन की अस्पताल से छुट्टी करा कर अपने साथ ले गए।

दोनों भाइयों ने बार-बार क्राइम ब्रांच का धन्यवाद किया। इस पूरे प्रकरण में क्राइम ब्रांच से एएसआई अमरसिंह महिला एएसआई शीतल सिपाही, मोहनलाल सिपाही दीपक ने अपना पूर्ण समर्थन किया और महिला को परिजनों से मिलाया।

Latest articles

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

More like this

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...