नगर निगम के खस्ता हालत के चलते सिवर के पानी को साफ करके लोगो को बेचने की तैयार चल रही हैं जिससे निगम की हालत में सुधार आ सकें और पानी की बढ़ती खपत और किल्लत का भी समाधान हो सकें।
शहर में पानी की खपत और किल्लत बढ़ती जा रही हैं जिसके चलते सरकार ने नगर निगम को सीवर के पानी को ट्रीट कर बेचने के निर्देश दिए गए हैं जिससे शहर में हो रहे भवन निर्माण के अलावा लोग सिंचाई के लिए इसका उपयोग कर सकें और पानी की किल्लत की परेशानी से राहत मिल सके।

कुछ दिन पहले ही हरियाणा सरकार के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई थी जिसमे सीवर के पानी को ट्रीट करने के बाद बेचने पर सहमति दी गई और साथ ही डीपीआर ग्रेटर फरीदाबाद में एक बड़ा पानी का टैंक बना कर बादशाहपुर एसटीपी का पानि ट्रीट कर के लाए जाने की बात की गई।
शहर में 3 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं जिसमे से बादशाहपुर में सबसे बड़ा प्लांट लगाया गया हैं। इस प्लांट की क्षमता 45 एमएलडी की हैं, जिससे रोज ओल्ड फरीदाबाद व बड़खल विधानसभा क्षेत्र के पानी को ट्रीट कर यमुना में डाला जाता हैं।इस प्लांट को चलाने का ठेका निगम द्वारा 2011 में मुंबई एजेंसी को सौपीं गई थी।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार हैड्रॉएयर टेटोनिक्स नाम की कंपनी को 1 सिंतबर 2011 से लेकर 31 अगस्त 2016 तक कार्य सौपा गया था और कंपनी को 4 साल का एक्सटेंशन देकर 31 अगस्त 2020 तक कार्य सौंप दिया था ।
इस दौरान कंपनी ने साल 2016 तक तो अच्छा काम किया लेकिन इसके बाद बादशाहपुर प्लांट की स्तिथि खराब हो गई। इसी कारण बिना ट्रीट किए ही पानी यमुना में डाला जाने लगा।
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