Categories: Uncategorized

बार – बार आ रहे ये छोटे भूकंप के झटके क्या किसी बड़े जलजले के है संकेत

कोरोना महामारी के बीच जहां एक तरफ लॉक डाउन के कारण लोग सैकड़ों समस्याओं से जूझ रहे हैं वहीं लॉक डाउन के दौरान पिछले 54 दिनों में दिल्ली एवं एनसीआर के इलाकों में 6 बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं।

जिसमें सबसे अंतिम भूकंप 3 जून की रात को करीब 10:42 पर देखने को मिला जिसका केंद्र गौतम बुध नगर बताया जा रहा है और इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 नापी गई। हालाकि भूकंप से फरीदाबाद, दिल्ली एवं आस पास के क्षेत्रों में आए अबतक इन भूकंप के झटको से कोई नुकसान देखने को नहीं मिला है।

बार - बार आ रहे ये छोटे भूकंप के झटके क्या किसी बड़े जलजले के है संकेत

भूकंप से दिल्ली को क्या खतरा होने की सम्भावना:

दिल्ली एवं आसपास के इलाकों में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों को लेकर एक्सपर्ट अलग-अलग दावा कर रहे हैं। किन्हीं एक्सपर्ट का मानना है कि दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में जितने भी भूकंप के झटके देखने को मिले रिक्टर स्केल पर उनकी तीव्रता 3.5 या उससे कम ही रही है। नैशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के चीफ जी एल गौतम कहते हैं भूकंप जिनकी तीव्रता 4.0 से कम होती है उनसे नुकसान की संभावना बेहद कम होती है।

एनसीएस के मुताबिक इतने कम समय अंतराल में देखे जा रहे यह भूकंप के झटके हल्की एडजेस्टमेंट का नतीजा है जो नुकसान की दृष्टि से इतने खतरनाक नहीं होते है। दिल्ली के आसपास ऐसी कोई प्लेट नहीं है जिस पर इस समय सामान्य से अधिक प्रेशर बना हो।

इसी वजह से इसे सिस्मिक जॉन की श्रेणी में रखा गया है। चीफ ने नेपाल में आए हुए भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह के भूकंप हिमालय रीजन में बढ़ रहे प्रेशर का एक उदाहरण है।

बड़े भूकंप कि आहाट :-

इसी विषय पर कई एक्सपर्ट दावा कर रहे हैं कि इस प्रकार के छोटे भूकंप किसी बड़े भूकंप के झटके की आहट हो सकते हैं। अमेरिका के लॉस अलामॉस नैशनल लेबोरेट्री के अध्ययन के अनुसार पिछले साल कैलिफ़ोर्निया में 4.0 तीव्रता के झटको से पहले इसी तरह कुछ हल्के झटके महसूस किए गए थे।

साउथ केलिफॉर्निया में 2008 और 2017 में 4.0 तीव्रता से अधिक के झटके महसूस किए गए। इनमें से 72 प्रतिशत बार इन भूकंप से पहले हल्के झटके महसूस किए गए थे। 

बुधवार 3 जून से पहले 29 मई को भी दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे उस समय भूकंप का केंद्र हरियाणा के रोहतक को आका गया था। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 नापी गई थी। ऐसे में लगातार आ रहे ये भूकंप के झटके विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बने हुए है जिन पर लगातार शोध एवं अध्ययन जारी है।

Avinash Kumar Singh

Recent Posts

हरियाणा के इस जिले में 4.53 करोड़ की परियोजना जल्द होगी शुरू, इन जर्जर सड़कों के नवीनीकरण को मंजूरी

जिले में लंबे समय से बदहाल पड़ी दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण को आखिरकार मंजूरी…

4 months ago

हरियाणा के इस जिले में 4.53 करोड़ की परियोजना जल्द होगी शुरू, इन जर्जर सड़कों के नवीनीकरण को मंजूरी

जिले में लंबे समय से बदहाल पड़ी दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण को आखिरकार मंजूरी…

4 months ago

फरीदाबाद के मोहना–बागपुर रोड की जर्जर हालत से बढ़ी परेशानी, धूल और गड्ढों से हादसों का खतरा तेज

फरीदाबाद के मोहना से बागपुर जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों लोगों के लिए बड़ी…

4 months ago

फरीदाबाद में अब वाहनों की गति होगी नियंत्रित, बढ़ेगी सड़क सुरक्षा, हाई-रिस्क रूट्स पर लगेगा स्पीड रडार नेटवर्क

फरीदाबाद में बढ़ती तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए…

4 months ago

फरीदाबाद की हवा फिर हुई जहरीली,  लोगों की सेहत पर आ सकता है बड़ा खतरा

फरीदाबाद की हवा एक बार फिर से सेहत के लिए खतरा बनती नजर आ रही…

4 months ago

फरीदाबाद के इस सेक्टर में बनेगा हाईटेक पार्किंग सिस्टम, यात्रियों को मिलेगी जाम से मुक्ति

फरीदाबाद के सेक्टर-19 की स्पेशल मार्केट और मेट्रो स्टेशन के पीछे तैयार की जा रही…

4 months ago