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बूढ़े आशिक बाबा को 50 साल बाद मिला ‘प्यार’, अधूरी प्रेम कहानी ऐसे हुई पूरी

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प्यार अमर रहता है। प्यार हमेशा दिल में जीवित होता है। प्यार एहसास होता है। कुछ ऐसी ही है इनकी कहानी। आपने अक्सर यह सुना होगा कि पहला प्यार छूट गया तो वह कभी वापस नहीं मिल पाता, लेकिन राजस्थान के एक भूतिया गांव के गेटकीपर को 50 साल बाद उसका पहला प्यार वापस मिल गया। 70 के दशक में ऑस्ट्रेलिया की एक लड़की भारत के राजस्थान में घूमने के लिए आई थी, लेकिन उस गेटकीपर से प्यार हो गया।

इतना पुराना था यह वाक्य कि किसी को यकीन नहीं होना था। लेकिन कुछ ऐसी परिस्थिति आई, जब वह दोनों ही अलग हो गए। इस बारे में ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ के फेसबुक पेज पर पूरा किस्सा दिया गया है।

बूढ़े आशिक बाबा को 50 साल बाद मिला 'प्यार', अधूरी प्रेम कहानी ऐसे हुई पूरी

प्यार के किस्से तो बहुत सुने हैं आप सभी ने और इस प्यार को लेकर बहुत सारे गाने और शायरियां बनी है। ‘मेरी उम्र 30 साल की थी जब मैं पहली बार मरीना से मिला, रेगिस्तान सफारी के लिए वह ऑस्ट्रेलिया से घूमने के लिए जैसलमेर आई थी। मरीना की पांच दिन की यात्रा था और मैंने उसे ऊंट की सवारी करना सिखाया। 1970 का दशक था, उन दिनों पहली नजर में भी प्यार हो जाता था और ठीक यही हुआ। हम दोनों के लिए यह पहली नजर में प्यार था।

बूढ़े आशिक बाबा को 50 साल बाद मिला 'प्यार', अधूरी प्रेम कहानी ऐसे हुई पूरी

उनकी बातों में सच्चाई थी साथ में एक ख़ुशी थी। प्यार के बारे में बात कर के एक अलग ही मुस्कान आती है। इस मामले में उन्होंने आगे बताया कि पूरे ट्रिप के दौरान, हम एक दूसरे से आंख भी नहीं हटा पा रहे थे। उसके ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले मरीना ने तीन जादुई भरे शब्द कहे ‘I Love You’ मैं शर्म से बिल्कुल लाल हो गया था। उससे पहले वो शब्द किसी ने मुझे नहीं कहा था। मैं उन दिनों को बिल्कुल भी नहीं भूल सकता।

बूढ़े आशिक बाबा को 50 साल बाद मिला 'प्यार', अधूरी प्रेम कहानी ऐसे हुई पूरी

मुझे इतनी शर्म आ रही थी कि मैं उसके कबूलनामे के जवाब में एक शब्द भी नहीं बोल सका था। लेकिन वह समझ गई थी और मरीना के वापस जाने के बाद हम एक-दूसरे से संपर्क में थे। वह मुझे हर हफ्ते खत लिखा करती थी। कुछ हफ्ते बाद उसने मुझे ऑस्ट्रेलिया बुलाया और मुझे ऐसा लगा मानो मैं चांद पर चला गया।

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