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प्रेम विवाह के लिए जोड़ों को सुरक्षा आवेदन से मिलेगा छुटकारा, अब ऑनलाइन प्रणाली संभालेगा काम सारा


हरियाणा में प्रेम विवाह करने के लिए प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा पाने हेतु जगह-जगह चक्कर लगाने की जरूरत पड़ती थी। पर अब हरियाणा में इस पहल के बाद प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा आवेदन के लिए चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनको कहीं जाकर राहत मिल सकेगी। दरअसल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को हरियाणा सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा के आवेदन के लिए ऑनलाइन प्रणाली आरंभ की जा रही है, जिसे इसी सप्ताह अमल में लाई जाएगी।



इस बात से सभी बाकिफ है कि प्रेम विवाह करने वाले प्रेमी जोड़े को सुरक्षा हेतु थाने में या एसपी ऑफिस जाकर मांग पत्र देना पड़ता था। ऐसे में कहीं ना कहीं बाहर रहते हुए उनकी जान को खतरा हो सकता था। वहीं प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा के बारे में सोचते हुए अब इसी सप्ताह से एक पहल शुरू की हैं। जिससे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुरक्षा के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

प्रेम विवाह के लिए जोड़ों को सुरक्षा आवेदन से मिलेगा छुटकारा, अब ऑनलाइन प्रणाली संभालेगा काम सारा
प्रेम विवाह के लिए जोड़ों को सुरक्षा आवेदन से मिलेगा छुटकारा, अब ऑनलाइन प्रणाली संभालेगा काम सारा



गौरतलब, सभी जिलों में वन स्टाप सेंटर भी खोला गया है जहां किसी भी तरह से पीड़ित महिला को रहने की सुविधा देकर उचित सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। सभी जिलों में कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा कानूनी सहायता व जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है। डायल 112 व दुर्गा शक्ति एप 24 घंटे महिलाओं के सहायता के लिए उपलब्ध है।



पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में हाल ही में चुनाव हैं और ऐसे में उन्हें इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह की मोहलत दी जाए।

प्रेम विवाह के लिए जोड़ों को सुरक्षा आवेदन से मिलेगा छुटकारा, अब ऑनलाइन प्रणाली संभालेगा काम सारा


इससे पहले हरियाणा सरकार ने बताया था कि राज्य सरकार ने सभी जिलों में प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया है। सभी जिलों में प्रोटेक्शन होम स्थापित करने का जिम्मा भी इसी विभाग को दिया गया है। केंद्र सरकार को 60 प्रतिशत राशि की मांग को लेकर एक पत्र भी लिखा गया था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सभी जिलों में प्रेमी जोड़ों की शिकायत पर कार्रवाई के लिए डीसी द्वारा कमेटियों का गठन किया गया है।

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