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हरियाणा में पोती ने लिया जन्म तो गदगद हुए दादा, बेटा बेटी के भेद को खत्म करने के लिए कराया कुंआ भोजन

बदलते दौर के साथ साथ लोगों की सोच भी बदल रही हैं, लड़का लड़की का भेद भी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा हैं। अब लोग लड़की पैदा होने को श्राप नहीं बल्कि लक्ष्मी का वरदान समझने लगें हैं। ऐसा ही एक ताजा उदाहरण पुन्हाना उपमंडल के गांव बिछौर के एक गरीब परिवार ने पेश किया हैं।



जानकारी के मुताबिक बिछौर निवासी रामचंद्र के घर पोती के जन्म की खुशी को दोगुना करने और समाज के सामने बेटा-बेटी के भेद को खत्म करने के उद्देश्य से परिवार ने बेटी का कुआं पूजन कार्यक्रम किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में भाजपा के पूर्व विधायक रहिस खान ने शिरकत की।कार्यक्रम में पहुंचने पर पूर्व विधायक का फूल मालाओं व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। रामचंद्र ने घर में लड़की (पोती) के पैदा होने पर गांव के लोगों को भोजन कराया और डीजे व ढोल-नगाड़ों के साथ नाच-गाकर कुआं पूजन करवाया गया।

हरियाणा में पोती ने लिया जन्म तो गदगद हुए दादा, बेटा बेटी के भेद को खत्म करने के लिए कराया कुंआ भोजन
हरियाणा में पोती ने लिया जन्म तो गदगद हुए दादा, बेटा बेटी के भेद को खत्म करने के लिए कराया कुंआ भोजन


वहीं इस दौरान उक्त मुहिम को समाज में एक मिसाल कायम करने के लिए पूर्व विधायक ने लड़की के दादा को 5100 रुपए प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।गांव में कई लोगों ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि जो खुशी लोग लड़का पैदा होने पर या उसकी शादी में भी नहीं मनाते, वह खुशी एक दादा ने पोती के पैदा होने पर मनाई।

हरियाणा में पोती ने लिया जन्म तो गदगद हुए दादा, बेटा बेटी के भेद को खत्म करने के लिए कराया कुंआ भोजन



भाजपा के पूर्व विधायक रहिस खान ने कहा कि जिले के बड़े गांव बिछौर में इस गरीब परिवार ने लड़की का कुआं पूजन कर यह साबित कर दिया है कि आज लड़का व लड़की में कोई अंतर नहीं है। साथ इस परिवार ने बेटियों का मान सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी क्षेत्र में लड़कियां लड़कों से पीछे नहीं हैं। लड़की माता-पिता की सेवा लड़कों से बेहतर करती है।

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