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Big Breaking: शिक्षण संस्थानों में बैन हुआ हिजाब, कोर्ट ने कहा- ‘इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है’

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देश में हिजाब को लेकर जिस तरह सियासत, दंगे चल रहे थे। कर्नाटक में शुरू हुई यह चिंगारी जल्दी ही पूरे देश में आग की तरह फैल गई। नेता, बुद्धिजीवी सब इसमें कूद पड़े। उसको लेकर अब कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं है। शिक्षण संस्थानों में किसी भी ऐसे पहनावे पर वह बैन लगा सकते हैं। साथ ही हिजाब पर दायर सभी याचिकाओं को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। आपको बता दें कि फैसला आने से पहले सोमवार रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कलबुर्गी में धारा 144 लागू कर दी गई थी। साथ ही जिले के सभी शैक्षणिक संस्थान 15 मार्च तक बंद रहेंगे। बेलगाम और चिक्कबल्लापुरा में भी धारा 144 लगाई गई है।

बेंच ने मुस्लिम संगठनों और छात्रों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि हिजाब पहनना जरूरी नहीं है, शिक्षण संस्थान में हिजाब पहनने पर बैन लगा सकते हैं। शिक्षण संस्थानों में हिजाब के लेकर हाई कोर्ट पहुंचे इस विवाद पर फुल बेंच ने 15 से ज्यादा दिनों तक सुनवाई की और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पिछले हफ्ते फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Big Breaking: शिक्षण संस्थानों में बैन हुआ हिजाब, कोर्ट ने कहा- 'इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है'

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने कर्नाटक में धारा 144 लागू कर दी है। जिले के सबसे ज्यादा संवेदनशील इलाकों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।

तैनात हुई पुलिस फोर्स

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फैसले से पहले शिवमोगा जिले के सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए। यहां 21 मार्च तक धारा 144 लागू कर दी गई है। एसपी बीएम लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि केएसआरपी की 8 कंपनियां, डिस्ट्रिक्ट आर्म्ड रिजर्व की 6 कंपनी और आरपीएफ की 6 कंपनी तैनात रहेंगी। कलबुर्गी प्रशासन ने भी धारा 144 लागू कर दिया है। साथ ही बेलगाम और चिक्कबल्लापुरा में भी धारा 144 लगाई गई है।

यहां से शुरू हुआ था विवाद

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बता दें कि यह विवाद उडुपी के एक कॉलेज से शुरू हुआ था। जब छः छात्राओं ने हिजाब पहनकर कक्षा ने घुसने की कोशिश की तो उन्हें वहीं रोक दिया गया। लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रहीं और बाहर धरने पर बैठ गईं। इसके बाद विवाद पूरे देश में आग की तरह फैल गया।

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