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बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था

जैसा की आप जानते ही होगें कि मौजूदा सरकार में प्राइवेट जॉब हो या फिर सरकारी हर जगह किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा सकती, क्योंकि अब अफसर रैंक के अधिकतर अधिकारी आम लोगों के बीच जाकर वहां कि गतिविधियों पर नजर रखते है। अभी कुछ दिन पहले की ही बात है बड़े फिल्मी अंदाज में एक दरोगा को रिश्वत लेते हुये एसपी ने पकड़ा था। उसे इस हरकत के लिये उसी वक्त सस्पेडं कर दिया गया।

वहीं कुछ ऐसा ही मामला आज भी सुनने में आ रहा है, जिसके अनुसार जब आम यात्री बनकर कमिश्नर साहब खुद बस में सफर करते हुये 13 कंडक्टर और 14 ड्राइवरों पर की कार्यवाही की। कानपुर कमिश्नर ने पहले छह अधिकारियों की एक टीम बनाई और उन्हें भी अलग-अलग बसों में सफर करने के लिए भेज दिया।

बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था
बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था

इसके बाद खुद कमिश्नर ने भी दो बसों में आम नागरिक की तरह सफर किया, उन्होंने हर्ष नगर से चुन्नीगंज और रावतपुर से हर्ष नगर वाली बस में यात्रा की, उस यात्रा के बाद कानुपर कमिश्नर ने पाया कि बस में कंडक्टर और ड्राइवर ने मास्क नहीं लगा रखा था, कई यात्री भी बिना मास्क और को-रोना प्रोटोकॉल को बिना फॉलो करे बस में सफर कर रहे थे।

बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था
बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था

ये भी पाया गया कि बस में कही भी फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था, बस का एलईडी डिस्प्ले भी खराब पड़ा था और बसों का सामान्य रखरखाव भी बहुत खराब हालत में था। इसके अलावा जिन छह अधिकारियों ने भी अलग-अलग बस में सफर किया उनकी तरफ से भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी गई है, उस रिपोर्ट के मुताबिक कई ड्राइवर और कंडक्टर अपनी असल यूनिफॉर्म नहीं पहन रहे थे।

बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था
बस में आम यात्री की तरह कमिश्नर साहब ने किया सफर, उसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था

कई यात्री भी बिना मास्क के दिखाई पड़े थे, किसी कंडक्टर ने भी यात्रियों को नहीं रोका। आपको बता दें कि रिपोर्ट के सामने आते ही कानपुर कमिश्नर ने तुरंत एक्शन लेते हुए 13 कंडक्टरों को सस्पेंड कर दिया है, जिन कंडक्टरों को सस्पेंड किया गया उन्होंने ना तो मास्क पहन रखा था और ना ही उनके पास उनकी असल यूनिफॉर्म थी।

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वहीं 14 ड्राइवरों को भी उनके पद से हटा दिया गया है, इन सबके अलावा उन अधिकारियों के खिलाफ जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं जिनके ऊपर बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी थी। कमिश्नर की ओर से एक प्राइवेट एजेंसी और एआरएम को भी शो कॉज नोटिस जारी कर दिया गया है।

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