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हरियाणा के इस जिले में चलने वाली है मैट्रिनो पॉड टैक्सी, चंद मिनटों का होगा सफर

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हरियाणा का स्मार्ट सिटी गुरुग्राम अब और ज्यादा स्मार्ट होने जा रहा है । यहां पर आए दिन सरकार द्वारा नई योजनाओं को लाया जा रहा है इसी कड़ी में काफी समय के इंतजार के बाद मेट्रिनो पॉड टेक्सी चलाने की परियोजना लाई जा रही है । साल 2016 में इस योजना को लाने की बात की गई थी लेकिन अभी तक इस को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है


वही एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री इंद्रजीत राव की बैठक के बाद पॉड टैक्सी परियोजना पर काम करने का सिलसिला शुरू हो गया है. इसके लिए करीब पांच हजार करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है.

हरियाणा के इस जिले में चलने वाली है मैट्रिनो पॉड टैक्सी, चंद मिनटों का होगा सफर



दिल्ली से मानेसर तक पॉड टैक्सी चलाने की परियोजना है. इसके लिए बुधवार को संसद भवन में हुई बैठक के दौरान नितिन गडकरी ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा सरकार से सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी. इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. संचालित कंपनियों से बातचीत की जा रही है.

हरियाणा के इस जिले में चलने वाली है मैट्रिनो पॉड टैक्सी, चंद मिनटों का होगा सफर


यदि जल्द ही मैट्रिनों पॉड टैक्सी शुरू होती है तो दिल्ली से मानेसर जाना आसान हो जाएगा और लोगों की मशक्कत कम हो जाएगी. यह योजना भविष्य के लिए प्रदूषण रहित और पर्यावरण के अनुरूप रहेगी.

अब जान लीजिए कि आखिर मैट्रिनो पॉड टैक्सी होती क्या है, इसमें सफर कैसे किया जाता है और यह काम कैसे करती है.
दरअसल पॉड टैक्सी 4 से 6 सीटर ऑटोमेटिक गाड़ी है, जिसे बिना ड्राइवर और कंडक्टर के चलाया जाता है. गुरुग्राम में ये एक तरह से ऑटो रिक्शा का काम करेगी.

हरियाणा के इस जिले में चलने वाली है मैट्रिनो पॉड टैक्सी, चंद मिनटों का होगा सफर

इसमें सफर करते हुए न तो रेड सिग्नल मिलेगा और न ही ट्रैफिक जाम. यह चार्जेबल बैटरी से चलती है यानी पेट्रोल-डीजल की जरूरत नहीं होगी. आमतौर पर यह दो तरह की होती है- ट्रैक रूट पर चलने वाली और केबिल के सहारे हैंगिग पॉड.

हरियाणा के इस जिले में चलने वाली है मैट्रिनो पॉड टैक्सी, चंद मिनटों का होगा सफर

टैक्सी पूरी तरह से कम्प्यूटर सिस्टम से चलती है. इसमें बैठने के बाद यात्रियों को टचस्क्रीन पर उस जगह का नाम टाइप करना होता है जहां उन्हें जाना है. तय स्टेशन आते ही टैक्सी रुकती है और मेट्रो की तरह गेट अपने आप खुल जाते हैं. यकीनन ये समय बचाएगी और लोगों के लिए ट्रैवल करना ज्यादा आसान हो जाएगा.

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