फरीदाबाद में अब ग्रीन वेस्ट की समस्या पर प्रशासन का ध्यान जा रहा है तथा उसका भी समाधान निकाला जा रहा है। दरअसल शहर में हजारों किलो ग्रीन वेस्ट निकलता है । जिसे नालों में या फिर मैदानों में खुला छोड़ दिया जाता है या फिर कुछ लोग इसे जला देते हैं जिससे वायु प्रदूषण तथा कई अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा इस धुएं से अस्थमा के मरीजों पर भी बुरा असर पड़ता है। अब प्रशासन इस पर विचार कर रही है । वही आधुनिक संयंत्र के जरिए इस ग्रीन वेस्ट को ऊर्जा का स्रोत बनाने की तैयारी कर रही है।

इस ग्रीन वेस्ट को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए बायोमास ब्रिगेड और पॉलेट्स में बदल दिया जाएगा । यह ठोस ईंधन के छोटे टुकड़े होंगे जो की उद्योग और बिजली संयंत्र में कोयल की जगह पर इस्तेमाल किया जा सकेंगे।

यह ग्रीन वेस्ट जो की ऊर्जा में परिवर्तित किया जाएगा यह पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होगा तथा कई लोगों को भी इससे रोजगार मिलेगा।



