हरियाणा सरकार द्वारा मजदूरों के हित में एक स्पष्ट बात कही गई है जिसमें मजदूरों को कम से कम 100 दिन के वेतन से वंचित नहीं रखा जाएगा। यह बात हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार ने अपने कार्यालय में हुई बैठक के दौरान कही।

उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कहीं भी मजदूरों को उनके इस अधिकार से वंचित किया जाएगा तो सरकार द्वारा उचित कार्यवाही की जाएगी। दरअसल मंत्री कृष्ण लाल पवार के कार्यालय पर राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच के पदाधिकारी ने मंत्री से मुलाकात कर उनको मांग पत्र सौंपा।

इस मांग पत्र के जरिए राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच द्वारा पूरे राज्य में स्वतंत्रत जांच करने की मांग तथा 5 अगस्त 2025 को जारी आदेश को वापस लेने की मांग रखी गई है । प्रदेश में कई स्थान ऐसे हैं जहां पर मजदूरों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है तथा उनसे काम करवाकर उचित वेतन नहीं दिया जाता ।

परंतु स्वतंत्र जांच में उन लोगों पर करवाई की जाएगी जो इस तरीके से मजदूरों के साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं। मजदूरों के हितों में काम करने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में मजदूर के हित में सरकार और भी अधिक कार्य कर सकती है।



