जिले में ग्रेप-3 लागू होने के बावजूद निर्माण गतिविधियों पर रोक प्रभावी नहीं दिख रही है। खुले में धूल उड़ाने वाले काम लगातार जारी हैं और वाहनों से उठने वाली मिट्टी ने स्थिति और खराब कर दी है। मंगलवार को फरीदाबाद और बल्लभगढ़ दोनों ही जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 220 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

लोगों का कहना है कि इन आंकड़ों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है क्योंकि कई बार एक ही दिन में प्रदूषण स्तर असामान्य रूप से घट-बढ़ जाता है। हालांकि मंगलवार को सोमवार की तुलना में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा, लेकिन शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों, सड़कों पर जलते तंदूर और उड़ती धूल ने हवा को लगातार दूषित बनाए रखा।

जवाहर कॉलोनी में मंगलवार को कई स्थानों पर निर्माण कार्य चलते देखे गए। सारन और मेवला महाराजपुर के आरोग्य मंदिर के पास भी बिना रोक-टोक निर्माण जारी रहा। इन जगहों पर निर्माण सामग्री खुले में सड़क किनारे पड़ी थी, जिससे गुजरते वाहनों की हवा से धूल उड़कर लोगों की आंखों व नाक तक पहुंच रही थी।

उधर सेक्टर 21 में एक बड़े भवन का निर्माण तेज गति से चलता दिखा। मजदूरों ने बताया कि कई दिनों से काम इसी तरह चल रहा है। सेक्टर 16A समेत अन्य इलाकों में भी निर्माण कार्यों के चलते धूल प्रदूषण बढ़ा हुआ है। वहीं सेक्टर 12 स्थित खेल परिसर के सामने धूल से भरे खाली मैदान में युवकों को कार दौड़ाते देखा गया, जिससे भारी मात्रा में धूल हवा में फैल गई।



