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फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते

फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है आपको बता दें सोमवार से सावन शुरू हो जायेगा और काँवड के लिए सभी श्रद्धालु निकलने लगेंगे, लेकिन यहाँ सबसे बड़ी समस्या यह है कि कांवड़ियों के लिए कोई भी रूट अभी तय नहीं किया गया है हालांकि इस विषय पर विचार किया जा रहा है।

आपको बता दें सभी एसीपी और थाना प्रभारियों ने कुछ रूटों का निरीक्षण किया है लेकिन यह रूट कांवडियों के लिए सक्षम मार्ग नहीं है। यदि यहाँ से कांवड़िये गए तो उनकी बहुत ख़स्ता हालत हो सकती है।

फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते
फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते

आपको बता दें बाईपास रोड पर निर्माण कार्य किया जा रहा है और सड़कें भी खुदी हुई हैं और बहुत जगहों से रूट भी डायवर्ट किया गया है। सड़क के किनारे से निकलने के लिए जो जगह बची है वह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।

ऐसे में कांवड़ियों इस स्थान से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इससे कुछ ही समय पहले डीसीपी सेंट्रल मुकेश मल्होत्रा ने बाईपास सड़क का निरीक्षण भी किया था।

फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते
फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते

यदि कहीं पर कांवड़ियों को रुकना पड़े तो कहीं भी टेंट लगाने की व्यवस्था नहीं है। इन जगहों पर रात के समय सफ़र करना खतरे से खाली नहीं है। क्योंकि पूरे रास्ते कहीं भी रोशनी की व्यवस्था नहीं है।

यदि कांवड़ियों को इस क्षेत्र से ही ले जाना है तो ऐसे में केवल हाइवे की सर्विस लेन ही बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। यहां उजाले की बेहतर व्यवस्था है।

फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते
फरीदाबाद में कांवड़ियों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, खतरों से भरे हैं रास्ते

कई जगह पर टेंट लगाने की बेहतर जगह भी हैं। यदि यह सम्भव नहीं है तो प्रशासन को एक सही विकल्प का चयन करना होगा क्योंकि यह कांवड़ियों से सम्बंधित है, जिन्हें लम्बी यात्रा तय करनी है।

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