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डिजिटल शिक्षा की ओर एक बड़ा कदम-हरियाणा के कॉलेजों में दी जाएगी ई-लाइब्रेरी की सुविधा

हरियाणा सरकार कॉलेज की पढ़ाई को डिजिटाइज करने को एक बड़ा कदम उठाने जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने यह तय किया है कि यूनिवर्सिटीज की ई-लाइब्रेरी को सरकारी कॉलेजों की लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा।

हरियाणा सरकार का यह कदम डिजिटल भारत को बढ़ावा देगा। इससे कई ऐसे बच्चों को मुफ्त किताबें मिल सकेंगे जिनके पास अपने मनपसंद की किताबों को पढ़ने के लिए पैसे नहीं हैं।

सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि उच्च शिक्षा डिपार्टमेंट ने कई एजेंसियों से इस एजेंडे की बातचीत भी शुरू कर दी है।

किन-किन सरकारी कॉलेजों को मिलेगा ई-लाइब्रेरी का लाभ

  1. राज्य के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि राज्य सरकार के पास कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (रोहतक), चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सिरसा), भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय (सोनीपत) और अन्य विश्वविद्यालयों के ई-लाइब्रेरी को जोड़ने की योजना है।
  2. इसके साथ साथ चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (जींद), चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (भिवानी), इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (रेवाड़ी), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (सोनीपत), गुरुग्राम विश्वविद्यालय और महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय (कैथल) अपने-अपने कॉलेजों के साथ जोड़कर ई-लाइब्रेरी की सुविधा दी जाएगी।

कौन सी सुविधाएं उपलब्ध होंगी इन ई लाइब्रेरी में?

  1. इन ई लाइब्रेरी की मदद से वह स्टूडेंट्स जिनके पास अपनी मनपसंद किताबें खरीदने के पैसे नहीं है, वह मुफ्त उन किताबों को यहां से डाउनलोड कर पाएंगे।
  2. स्टूडेंट्स को अपनी मनपसंद की किताबों को खरीदना नहीं पड़ेगा बल्कि वैसे आसानी से डाउनलोड कर पाएंगे। इससे बच्चों की कई हजारों पैसो की बचत होगी और वह इसे अन्य प्रोजेक्ट्स में लगा पाएंगे।
  3. इन ई-लाइब्रेरी के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य ई-पुस्तकालयों में दुनिया भर के शीर्ष विश्वविद्यालयों की पत्रिकाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। इससे स्टूडेंट्स को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ विश्व स्तर का भी ज्ञान मिलेगा।

क्या आपको लगता है कि इन ई-लाइब्रेरी से स्टूडेंट्स को फायदा होगा? अपनी राय कमेंट सेक्शन में बताइए।

Written by- Vikas Singh

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