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राम मंदिर की नीव में, देश की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन

राम मंदिर : विश्व में राम नाम ही वही नाम है जिसको लेने से इंसान को मुक्ति मिल जाती है | सनातन धर्म के लोगों की आस्था हैं राम | राम बिन दुनिया अधूरी है, राम बिन हम इंसान अधूरे हैं | 500 सालों तक हिन्दुओं की आस्था, मंदिर निर्माण के लिए लड़ती आयी है |

करीब 500 वर्ष पहले अयोध्या में राम मंदिर गिराकर, मुगल शासक बाबर के सिपहसालार मीर बाकी ने वहां मस्जिद का निर्माण कराया था | वर्ष 1528 के आसपास बनी इस मस्जिद को बाबरी मस्जिद कहा गया | यहीं से राम जन्मभूमि को लेकर विवाद की शुरूआत हुई थी |

राम मंदिर की नीव में, देश की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन

विश्व में किसी से भी पूछो कि राम ने जन्म कहाँ लिया था, वे यही बोलेगा की अयोध्या में | लेकिन भारत में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हे लगता है राम काल्पनिक हैं | जो लोग राम को काल्पनिक बताते हैं, वो शायद ऐसे होते हैं जिन्हे अपने माँ – बाप का नहीं पता कि कौन हैं |

राम मंदिर की नीव में, देश की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन

राम मंदिर निर्माण के लिए बहुत से हिन्दुओ ने अपनी जान गवाई है | निर्माण का इंतज़ार अब समाप्त हो गया है | आगामी 5 अगस्त को देश के प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी भूमिपूजन करने जा रहे हैं |

अयोध्या में बनने वाले भगवान राम के मंदिर की नींव में देश के सभी पवित्र स्थलों से लाई गई मिट्टी डाली जाएगी | इस तरह मंदिर निर्माण में देश के सभी पवित्र स्थानों की भूमिका सुनिश्चित की जा रही है |

राम से पूरा विश्व है, राम से पूर्ण दुनिया है | राम से साँसे हैं राम से ही सभी बाते हैं | देश के दुश्मन और दुनिया के लिए आतंकवादी बने मुस्लिम समाज ने बहुत रुकावट की मंदिर को न बनाया जाये इसके लिए |

वर्ष 1986 में फैजाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने हिन्दुओं के अनुरोध पर विवादित स्थल के दरवाजे प्रार्थना के लिए खुलवा दिए थे | मुसलमानों ने इसका विरोध शुरू करते हुए, बाबरी मस्जिद संघर्ष समिति बना ली | यहीं से हिंदू भी राम मंदिर निर्माण के लिए एकजुट होने शुरू हो गए।

राम मंदिर की नीव में, देश की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन

जहां – जहां हिन्दुओ का इतहास रहा है, वहां – वहां लुटेरे बाबर ने अपना इतिहास बनाने का कार्य किया है, लेकिन यह तो जगजाहिर है कि लुटेरे मुगलों ने देश को बस लूटा है हिन्दुओं को मारा है | हिन्दुओं को मार के मुस्लिम बनाया है |

भूमिपूजन के लिए शुक्रवार को दिल्ली के 11 पवित्र स्थानों की मिट्टी पीतल के कलशों में भरकर अयोध्या भेजी गई | इसे पांच अगस्त को निर्माण के दिन मंदिर की नींव में डाला जाएगा | मंदिर निर्माण के लिए देश की प्रमुख नदियों का जल भी एकत्र किया जा रहा है, उसे भी नींव में अर्पित किया जाएगा |

राम मंदिर की नीव में, देश की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन

मंदिर निर्माण के लिए भारत के कोने – कोने से राम भक्त अपने घरों की माटी को भी अयोध्या भेजेंगे | हर राम भक्त के लिए इस सदी में 5 अगस्त से बड़ा दिन की और नहीं हो सकता |

इन 11 जगहों से मिट्टी ली गई जाएगी, उनमें सिद्धपीठ कालका जी, पांडव कालीन पुराने किले के पास बने भैरव मंदिर, गुरुद्वारा शीशगंज, गौरीशंकर मंदिर चांदनी चौक, श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर चांदनी चौक, हनुमान मंदिर कनाट प्लेस, प्राचीन शिव नवग्रह मंदिर कनाटप्लेस, प्राचीन काली माता मंदिर बांग्लासाहिब, श्री लक्ष्मीनारायण बिरला मंदिर, भगवान वाल्मीकि मंदिर, मंदिर मार्ग और बद्री भगत झंडेवालान मंदिर करोलबाग शामिल हैं। मंदिर निर्माण की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे |

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