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त्योहारों पर कोरोना का असर, अबकी बार बहनें घर पर ही भाइयों के लिए बना रही राखियां


सावन के व्रत के बाद अब भाइ-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार 3 अगस्त को मनाया जाना है। इस अवसर पर बाजारों में तैयारियां तो शूरु हो गई है। बाजारों में रंग बिरंगी राखियां तो सज गई हैं लेकिन कोविड-19 के भय से बाजारों में भीड कम दिखाई दे रही है।

वायरस के प्रभाव के कारण सभी बहनें घर पर रहकर ही राखियां तैयार कर रही है। तो आइए जानते हैं कैसे 9 वर्षीय दृष्टि अपने भाई के लिए खुद अपने हाथों से राखी बना रही है।

कैसे 9 वर्षीय दृष्टि अपने भाई के लिए खुद अपने हाथों से राखी बना रही है?

सबसे पहले टांडाहेड़ी गांव में 9 वर्षीय दृष्टि की बातों पर गौर करिए। उसका कहना है कि बाहर कोरोनावायरस है और ऐसे में वह अपने घर पर रहकर ही राखियां तैयार कर रही है।

दृष्टि ने राखी बनाने के लिए यज्ञ के दौरान हाथ पर बांधा जाने वाला कलावा, रंगीन पेपर, गौंद और चमकीले स्टोन का इस्तेमाल किया है। महज पांच से दस मिनट की मेहनत से दृष्टि ने अपने भाई के लिए कई राखियां बना दी।

आपको बता दें कि आप कुछ चीजों को लेकर, थोडा समय और थोड़ी मेहनत लगाकर कुछ समय में राखी तैयार कर सकते हैं।

इस पर दृष्टि का कहना है कि बाहर कोरोना है। इसलिए इस बार बाजार से राखी नहीं लाएंगी, वह खुद अपने हाथों से ही अपने प्यारे भाई के लिए राखी बनाएगी।

इसके अलावा दृष्टि ने बाकी लोगों को भी यह महत्त्वपूर्ण सन्देश दिया है कि कोरोना को हराना है तो घर पर ही रहना है। इसलिए सभी लोग अपने घरों में रहकर राखी के पवित्र त्योहार को मनाए।

Written by- Vikas Singh

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