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हरियाणा पुलिस चल रही है ब्रिटिश हुकूमत के नियमों पर

बेशक आज देशवासी आजाद हवा में सांस ले रहे हैं, लेकिन ऐसी बहुत सी आदतें और बातें हैं जो हमें ब्रिटिश हुकूमत की याद दिला देती है | हरियाणा पुलिस के सिपाही को एक माह खुराक के लिए सिर्फ 840 रुपये ही भत्ते के रूप में मिलते हैं | इसी प्रकार शहर में गश्त करने के लिए सिपाही के लिए आज भी 120 रुपये प्रतिमाह साइकिल भत्ता मिलता है | यह व्यवस्था अंग्रेजों के समय में बनाई गई थी |

रग-रग में अंग्रेजी हुकूमत के कानून दौड़ रहे हैं | आज भी हरियाणा पुलिस ब्रिटिश कालीन के नक्शे कदम पर चल रही है | पुलिस पर होने वाले खर्च का आंकड़ा आज भी बेहद चौंकाने वाला है। हरियाणा पुलिस ने बताया कि अंग्रेज करीब 200 साल तक हमारे ऊपर हुकूमत कर चले गए, लेकिन उनके बनाए नियम आज भी हम पर लागू हो रहे हैं |

Haryana Police - Wikipedia

महामारी के इस दौर में प्रदेश में पुलिस वालों की छवि बहुत सुधरी है | लेकिन ऐसी बातें और भी पुलिस की तरफ आकर्षित करती हैं | पुलिस ने खाना और ट्रांसपोर्ट मद में दिए जाने वाले शुल्क का जिक्र करते हुए बताया कि अंग्रेजी हुकुमत से आजाद होने के बाद भी हमारी पुलिस आज भी 840 रुपये में पूरे माह का राशन खाती है |

120 रुपये की साइकिल पर सवार होकर फरीदाबाद जैसे आधुनिक शहर में लाखों लोगों के सुरखा का जिम्मा संभालती है |

फरीदाबाद की बात करें तो पुलिस वालों की छवि मामा के समान है | यहां पुलिस कम और मामा ज्यादा कहा जाता है | यदि हम सरकारी दस्तावेज से हटकर बात करें तो 840 रुपये में चार दिन का भी पूरा राशन एनसीआर में एक परिवार को नहीं मिलने वाला | यहां की चकाचौंध भरी जिंदगी और हाईटेक माहौल में साइकिल किसी पुलिसकर्मी के पास शायद ही मिलेगी |

किसी भी शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस पर निर्भरता होती है | हरियाणा पुलिस कर्मचारियों में हर किसी के पास मोटर साइकिल या चार पहिया वाहन हैं | साइकिल अब दशकों पुरानी बात हो गई है | इसके बाद भी सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें ड्यूटी के लिए 120 रुपये के साइकिल भत्ते से ही संतोष करना पड़ रहा है |

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