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अब हरियाणा में हर घर के बाहर लगेगा स्मार्ट बिजली मीटर, मोबाइल की तरह मीटर का भी होगा रिचार्ज

अब हरियाणा में हर घर के बाहर लगेगा स्मार्ट बिजली मीटर, मोबाइल की तरह मीटर का भी होगा रिचार्ज।बिजली उपभोक्ताओं को लाभ देने के लिए हरियाणा सरकार ने एक नई योजना तैयार की है

इस योजना के तहत प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के बिल को कम करने और लाइन लॉस को हटाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने का फैसला लिया है।

अगर इस मीटर के फायदे की बात करें तो इस मीटर में 5 फ़ीसदी तक बिजली के रेट कम कर के लिए जाएंगे। इसके अलावा इस मीटर का रिचार्ज भी किया जाएगा।

इसका रिचार्ज मोबाइल की रीचार्ज की तरह ही किया जाएगा। इसका अर्थ है कि बिजली के गैर जरूरी खपत पहले से कम हो जाएगी।

इस बाबत जानकारी देते हुए हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश में साल 2024 तक 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। पहले चरण में लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी है।

इसी तरह, दूसरे चरण में भी 20 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि 1600 करोड़ रुपये की इस राशि में से केंद्र सरकार द्वारा 780 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी जबकि 820 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाएगी।

एचईआरसी ने प्री-पेड मीटर व्यवस्था शुरू करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसने प्री-पेड सुविधा का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टैरिफ पर 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। यह निर्णय बिलिंग और संग्रह दक्षता में सुधार के लिए कारगर साबित होगा।

राज्य में लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटरों के बारे में जानकारी देते हुए रणजीत सिंह ने बताया कि ये मीटर पूरी तरह से हाईटैक और कंप्यूटरीकृत होंगे।

उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन के जरिये भी अपने मीटर की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। ये मीटर प्री-पेड होंगे और बिजली उपभोक्ता मोबाइल फोन की तरह इन मीटरों को भी अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कर सकेंगे।

बिजली मंत्री ने बताया कि हर मीटर का कंट्रोल बिजली निगमों के पास रहेगा तथा मीटरों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा, ये मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की मीटर खराब होने या अधिक स्पीड से चलने जैसी शिकायतें भी न के बराबर होंगी।

स्मार्ट मीटर के पीछे का उद्देश्य यह है कि बीजेपी सरकार ने डिजिटल मीडिया और टेक्नोलॉजी पर जोर दिया हुआ है। इसलिए कैशलेस प्रक्रिया के जरिए लोगों को स्मार्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है, और इसी के चलते स्मार्ट मीटरों को भी लगाने का फैसला लिया गया है।

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