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गर्भवती महिलाओं को सरकार इस योजना के तहत दे रही है 6000 की सहायता, जानिये कैसे

गर्भवती : केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार दोनों ही अपनी जनता के लिए अनेकों योजनाएं लेकर आते हैं। लेकिन किसी कारणवश हम तक इन योजनाओं के बारें में जानकारी नहीं पहुंचती। जिनको इन योजनाओं की आवश्यकता होती है वे इसका लाभ नहीं उठा पाते कारण होता है जानकारी न मिलना, योजना के लिए आवदेन कैसे दें इसका पता न होना।

जो योजनाओं के असली हकदार होते हैं वे बस सरकार को कोसते रहते हैं कि सरकार कुछ नहीं करती हमारे लिए, यदि हर किसी के पास योजनाओं की जानकारी हो तो वे इसका लाभ ले सकते हैं, लेकिन जानकारी न मिलने से जिसको आवश्यकता नहीं है वे इन योजनाओं का लाभ उठा लेते हैं और जरूरतमंदों तक यह नहीं पहुंच पाती और फिर वे सरकार को कोसते हैं।

गर्भवती महिलाओं को सरकार इस योजना के तहत दे रही है 6000 की सहायता, जानिये कैसे

पहचान फरीदाबाद अपनी जनता के लिए हर दिन केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही योजना या फिर हरियाणा सरकार दी जा रही योजनाओं के बारे में बताएगा।हमारा उद्देश्य है कि असली हकदार को उसका हक मिले, सभी तक जानकारी पहुंचे।

हमारी यह शुरुवात यदि आपको पसंद आति है तो इसे शेयर करें, लाइक करें ताकि और भी लोगों को जानकारी प्राप्त हो सकेपहचान फरीदाबाद अपनी जनता के लिए हर दिन केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही योजना या फिर हरियाणा सरकार दी जा रही योजनाओं के बारे में बताएगा। हमारा उद्देश्य है कि असली हकदार को उसका हक मिले, सभी तक जानकारी पहुंचे।

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आज जिस योजना के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं उसका नाम है “प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना” योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में रु 6000 प्रदान करती है प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना 2019 के अंतर्गत पहली बार गर्भधारण करने वाली तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओ यह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

सबसे बड़ी शक्ति माँ होती हो इसमें कोई दोराय नहीं। सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत से कदम उठा चुकी है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना चलायी गयी है। पहले इस योजना को मातृत्व सहयोग योजना कहा जाता था। इस योजना को 2010 में इंदिरा गांधी मातृ सहयोग योजना के रूप में शुरू किया गया था।

सरकार कोई भी, लेकिन गरीब परिवारों के लिए सभी को कार्य करने चाहिए। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इसका नाम बदलकर मातृ सहज योजना किया और बाद में 1 जनवरी 2017 में इसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम से पूरे देश में लागू कर दिया गया। इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है।

गरीब महिलाओं के पास बहुत से कार्य होते हैं। घर का काम हो या रोजीरोटी का सभी में यह सहयोग देती हैं। यह योजना देश के विभिन्न राज्यों में भी लागू है। इस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना होता है ताकि वह खुद के साथ-साथ अपने नवजात की भी देखभाल कर सकें।

इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं किसको मिल सकता है ?

सरकार का और हमारा प्रयास रहता है कि हम आपको सभी योजनाओं के बारे में जानकारी दें। सभी गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने के लिए पात्र मानी गई हैं। योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी है कि महिला की उम्र 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

मोदी सरकार ने सभी को एक बात ध्यान में रखने को कहा है कि सरकारी कर्मचारी, किसी अन्य कानून से लाभ पा रही प्राइवेट कर्मचारी या फिर पहले सभी किस्तें पा चुकी महिला को इसके लाभ से वंचित रहना होगा। सरकारी कर्मचारी की सेवाशर्तों में वेतन सहित मातृत्व अवकाश जैसे लाभ पहले से ही जुड़े होते हैं जबकि प्राइवेट संस्थान में काम करने वाली महिला अगर किसी अन्य कानून के तहत मातृत्व लाभ की सुविधा प्राप्त कर रही है तो वह भी इस योजना के तहत लाभ प्राप्त नहीं कर सकती है।

कैसे कर सकते हैं आवदेन ?

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन किया जाता है। महिलाएं वहां जा कर इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकती हैं।
स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर भी इस योजना के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। इसमें आशा कार्यकर्ता मदद करती हैं।

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