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फरीदाबाद : जरूरतमंद लोगों को रोजगार दिलाने के लिए इस अभिनेता ने शुरू किया ‘श्रमिक सम्मान’ अभियान

श्रमिक सम्मान : महामारी के कारण अनगिनत लोगों ने अपना रोजगार खो दिया है। महामारी की वजह से लगा लॉकडाउन तो खत्म हो गया लेकिन लोगों के सामने आर्थिक संकट शुरू हो चुकी है। लोगों के रोजगार छूट गए हैं और नई नौकरियां फिलहाल आ नहीं रही हैं। जिसके चलते लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

महामारी के दौर में प्लाज्मा और खाना सबसे बड़ा दान बन गया है। ऐसे समय में बॉलीवुड के कलाकार लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इस बार सोनू सूद के बाद अब बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता मनोज बाजपेयी भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए आगे आए हैं।

किसी की मदद करना सभी के सौभाग्य में नहीं होता। हम सबको अपनी एक राह चुन लेनी चाहिए। बेरोजगारों को आर्थिक मदद करने के लिए मनोज बाजपेयी ने अपनी पत्नी शबाना रजा के साथ मिलकर एक चैरिटेबल ट्रस्ट से हाथ मिलाया है। इस ट्रस्ट के साथ मिलकर उन्होंने एक नए अभियान ‘श्रमिक सम्मान’ की शुरुआत की है।

सोनू सूद हों या फिर मनोज जैसे महान कलाकार सभी ने गरीबों को दर्द महामारी में समझा है। वह देश के सभी हिस्सों में कुछ लघु उद्योगों को शुरू करेंगे और बेरोजगारों को रोजगार देंगे। इसके साथ ही उऩ्होंने कहा कि हम इसके जरिए जागरूकता अभियान भी चलाएंगे और फंड जुटाने की योजना पर भी काम करेंगे।

कोरोना काल में अमीर हो या गरीब सभी की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। इस दौर में हम सभी को आगे बढ़ने की आवश्यकता है। अपने इस अभियान की योजना के बारे में जानकारी देते हुए मनोज ने कहा, ‘हमने लगभग 74 प्रोजेक्ट्स का खाका तैयार किया है। प्रवासी मजदूरों के मौजूदा हालात को देखकर हमारा दिल दहल गया है। मुझे बहुत दुख हुआ है।

सड़कों पर अपनी जान गवाने वाले श्रमिकों को कोई भला कैसे भूल सकता है। इस दौरान इन सभी मजदूरों का संघर्ष अथाह रहा। इस अभियान से ग्रामीण इलाकों में फैली अव्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। हम इसके जरिए जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। साथ ही फंड इकट्ठा करने की योजना से भी जुड़े रहेंगे।

642 Shramik Special trains run so far, nearly 8 lakh migrants ferried:  Railways

जिस प्रकार गत वर्षों गरीबों को लूटा गया है। उसी प्रकार कोरोना काल में इन्होने अपनी जान गवाई है। मनोज के अभियान के साथ वह देश के सभी हिस्सों में लोगों के मूल निवास पर ही अलग-अलग उद्योगों का निर्माण करेंगे। अभियान के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार के भागलपुर में तेल निकालने की एक यूनिट की शुरुआत की है। इसके अलावा फरीदाबाद और मुंबई में उन्होंने मास्क बनाने का काम शुरू किया है।

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