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दुबई में फंसे सोनू निगम के लिए ट्विटर पर क्यों फैलाई जा रही है इतनी नफरत ?

बॉलीवुड की मशहूर हस्ती और कई फिल्मों के गीतों में अपनी आवाज दे चुके फरीदाबाद के मशहूर गायक सोनू निगम कुछ महीनों पहले एक विशेष समुदाय एवं अजान को लेकर विवादित बयान देने के चलते सुर्खियों का कारण बने थे। जिसके चलते देश भर के कई मौलानाओ द्वारा उनके लिए फतवे भी जारी किए गए और समुदाय विशेष के कई धर्म गुरुओं द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी लेकिन कानूनी कार्यवाही में सोनू निगम का बयान कहीं भी गलत नहीं पाया गया और इसी कारण उन पर कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं हुई।

इन दिनों जहां एक तरफ भारत एवं संपूर्ण विश्व कोरोना के संकट काल से जूझ रहा है और भारत देश में पूर्ण रूप से देशव्यापी लॉक डाउन के चलते भारत से अन्य देशों के लिए एवं अन्य देशों से भारत में आने वाली सभी उड़ान सेवाओं पर रोक लगी हुई है जिस कारण इन दिनों सोनू निगम दुबई में फसे हुए है और उन्होंने स्वयं को सेल्फ क्वॉरेंटाइन किया हुआ है।

लेकिन इस संकट की घड़ी में भी कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए देश में साम्प्रदायिकता का माहौल पैदा कर देश में अशांति फैलाने से बाज नहीं आ रहे है। जिसके चलते एक धर्म के प्रति जहरीली सोच रखने वाले कुछ लोग इन दिनों ट्विटर के माध्यम से सोनू निगम के खिलाफ ट्वीट कर दुबई सरकार को पोस्ट में टैग कर यह सूचना दे रहे है कि सोनू निगम ही वह व्यक्ति है जिसने भारत में अजान बैन करने की मांग की थी और अब वह दुबई में है तो दुबई सरकार सोनू निगम को उनके इस बयान के लिए दंडित करे। कुछ दिनों से ट्विटर पर मिल रही इस नफरत को नजरंदाज करने के लिए सोनू निगम द्वारा उनका ट्विटर अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिया गया है।

सोनू निगम के खिलाफ इसी नफरत को बढ़ावा देते हुए सबनम फातिमा नाम के एक ट्विटर अकाउंट द्वारा ट्वीट करते हुए लिखा गया कि इस समय सोनू निगम दुबई में है और अब दुबई सरकार द्वारा उन्हें 5 समय नमाज सुनाई देने वाले एक सैल में बन्द करके उन्हें बुरी तरह से पीटकर दंडित करे। इसके अतिरिक्त भी इस ट्विटर अकाउंट से कई राजनीतिक विषयों पर भड़काऊ ट्वीट किए गए है जिनके ट्विटर पर कड़ी आलोचना लोगो द्वारा कि जा रही है। इस अकाउंट में फरीदाबाद की लोकेशन दी गई है इसलिए फरीदाबाद के कई लोगो द्वारा इस ट्वीट की आलोचना करते हुए फरीदाबाद प्रशासन को टैग कर इस ट्विटर अकाउंट के संचालक के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग भी कि जा रही है।

देश पर अाई इतनी बड़ी विपदा की घड़ी में भी अन्य देशों में फसे अपने भारतीयों के लिए इस प्रकार की जहरीली सोच देश में साम्प्रदायिकता का माहौल बनाने का कार्य बख़ूबी कर रही है जोकि अत्यंत निंदनीय है। इसलिए आवश्यकता है कि प्रशासन इस पर ध्यान दें और जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाही द्वारा सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे इस प्रकार के प्रोपेगेंडा पर लगाम लगाए।

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