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जानिए कैसे फरीदाबाद के लोगो को मिलेगी टेली-आईसीयू से नयी ज़िन्दगी

आज पूरा विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। इस महामारी का प्रकोप इतना बड्ड चूका है की लोगो को अस्तपताल में बेड मिलना मुश्किल हो रहा है। इसका इलाज ढूंढ़ने में देश के सभी वैज्ञानिक लगे हुए है। फिलाल कोरोना संक्रमण से ग्रस्त गंभीर रोगियों की जान बचाने के लिए विशेषज्ञों से मदद ली जाएगी। इसके लिए मरीजों को टेली-आईसीयू की सुविधा दी जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का मानना है कि जिले में कोरोना के संक्रमितों का दर पहले के मुकाबले कम है, किंतु प्रदेश में सबसे अधिक मौतें फरीदाबाद में हो रही हैं। अब टेली-आईसीयू की मदद से मरीजों की जान बचाई जाएगी। इस प्रकार की सुविधा से ऐसे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा जिनकी जान बचाना संभव है।

कोरोना संक्रमण से जिले में रोज कम से कम एक और अधिकतम तीन मौतें दर्ज हो रही हैं। यह आंकड़ा डराने वाला है।और फरीदाबाद जिले में मृत्यु दर भी सबसे अधिक है। इस पर लगाम लगाने के लिए ही स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 अस्पताल में टेली-आईसीयू का सहारा लेने की रणनीति बनाई है। सीएमओ डॉ. रणदीप पुनिया ने बताया कि टेली-आईसीयू की मदद से पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआई रोहतक या किसी अन्य केंद्र से मरीजों के उपचार पर रियल टाइम सलाह ली जाएगी। इसमें संक्रमण के उन रोगियों की जान बचाने की सलाह मिलेगी जो गंभीर स्थिति में है । उन्होंने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए हमारे विशेषज्ञ हर संभव प्रयास कर रहे है । ऐसे में परामर्श-फ्यूजन कारगर साबित हो सकता है।

बता दे की देश के कुछ राज्यों में परामर्श-फ्यूजन को आजमाया जा चुका है।और ख़ुशी की बात यह है की वहां इसे सफलता भी मिली है। स्वस्थ विभाग का कहना है की परामर्श-फ्यूजन भारत में इस्तमाल किया जायेगा और अगर यह यह कारगर साबित होता है तो सभी के लिए यह बेहद ख़ुशी की बात होगी। इसकी मदत से उन् लोगो की जान बच चुकेगी जिनकी जान सच में बचायी जा सकती है। क्युकी कोरोना संक्रमितों की सख्या रुकने का नाम नहीं ले रही है और मृत्यु दर तो उससे भी अधिक गति से भड़ता जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के कारण रविवार तक जिले में 152 मौतों के मामले दर्ज किए गए हैं। गुरुग्राम में यह आंकड़ा 130, सोनीपत में 42, पानीपत में 34 है। यहां तक कि प्रदेश के अन्य जिलों में यह आंकड़ा 30 के पार नहीं हुआ है।परामर्श-फ्यूजन की मद्दत हम इन मृत्यु दर को रोक सकते है।

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