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सिविल सर्जन कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर बाहर आते हुए सर्व कर्मचारी संघ, सीटू व आशा वर्कर यूनियन के पदाधिकारी।

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए डोर टू डोर सर्व कर रही आशा वर्करों पर बुधवार को अजय नगर में फिर हमला हो गया। बुधवार को टीकाकरण के तहत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को कई बिमारियों के बचाव के टीके लगाए जाते है।

जिसके तहत अनुराधा आशा वर्कर व अंजू एएनएम टीकाकरण के लिए अजय नगर में गई हुई थी। कुछ लोगों ने यह कहकर विरोध किया की टीकाकरण से कोरोना संक्रमण फैल सकता है। इसलिए इसको बंद किया जाए। इसके साथ ही कुछ लोगों ने दोनों वर्कर के साथ बदतमीजी की और झगड़ा किया। पांच लोगों की नामजद शिकायत पुलिस चौकी प्रभारी पल्ला में दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को आशियाना सेक्टर 62 में भी आशा वर्कर व पुलिस पर हमला हुआ था।

प्रतिनिधिमंडल पहुंचा सिविल सर्जन कार्यालय सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, सीटू व आशा वर्कर यूनियन हरियाणा ने लाकडाऊन में सर्वे कर रही आशा वर्करों पर बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर व आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता व सचिव सुधा ने नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय में सीएमओ से मुलाकात के लिए पहुंचा। उनकी गैर मौजूदगी में सीएमओ कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर सर्वे में शामिल आशा वर्कर को पुलिस प्रोटेक्शन देने और सर्वे टीम में कम से कम तीन सदस्य शामिल करने और लाकडाऊन में टीकाकरण के काम स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि लाकडाऊन में आशा वर्करों पर बुधवार को हुई पांचवी वारदात है। उन्होंने बताया कि केवल एक घटना में समुदाय विशेष के लोग शामिल हैं और चार हमलों में बहुसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हैं। इसलिए यह अफवाह फैलाना बिल्कुल ग़लत है कि आशा वर्करों पर हमले समुदाय विशेष के लोग ही कर रहे हैं।

रोजाना सर्वे के बावजूद राशन न मिलने से चिढ़ रहे हैं लोग आशा वर्कर यूनियन हरियाणा की जिला प्रधान हेमलता व सचिव सुधा ने बताया कि बढ़ते हमलों का कारण यह भी है कि हर तीसरे दिन आशा वर्कर कोरोना संक्रमण का सर्वे करने के अतिरिक्त और कई टीमें भी राशन आदि देने का सर्वे कर रही है। रोजाना सर्वे तो हो रहा है लेकिन गरीबों के पास खाने का राशन नहीं पहुंच रहा है। नागरिक लगातार सर्वे से चिढ़ रहे और कह रहे हैं कि रोजाना सर्वे के लिए आ जाते हो, राशन तो भिजवा नहीं रहे। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से भी हमलों में बढ़ोतरी हुई हैं। उन्होंने समुदाय विशेष और कोरोना महामारी बारे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर कड़ाई अंकुश लगाने की मांग की।

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