Pehchan Faridabad
Know Your City

नगर निगम में किसके कहने पर लगाई गई आग, बड़े – बड़े नाम होंगे उजागर

फरीदाबाद में रहना वाला कोई भी व्यक्ति आपको बता देगा कि कोरोना के साथ – साथ यहां पर निगम के अधिकारीयों की चलती है। नगर निगम में 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दरबार में पहुंच गया है। पार्षदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इंजीनियरिंग व लेखा विभाग द्वारा बिना काम के भुगतान करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

अधिकारी बस पैसा कमाने आते हैं इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है। निगम लेखा शाखा के रिकॉर्ड रूम में लगी आग की तपिश बढ़ती दिख रही है। निगमायुक्त डॉ. यश गर्ग की चिट्ठी के बाद थाना एसजीएम नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

निगम में लगातार भ्रष्टाचार के मामले आते जा रहे हैं। सभी पार्षद अधिकारीयों से परेशान हो गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि इस घोटाले को दबाने के लिए ही अधिकारियों ने नगर निगम लेखा शाखा के रिकॉर्ड रूम में आग लगवाई है। इस घोटाले व अग्निकांड की जांच पुलिस के अलावा मंडलायुक्त व नगर निगम की तीन कमेटियां कर रही हैं।

भ्रष्टाचारी फरीदाबाद नगर निगम की टीम इंसानियत भूल गई है। सोमवार को भी पार्षदों ने मुख्य अभियंता से घोटाले के मामले में चल रही जांच की प्रगति रिपोर्ट जानने के लिए मुलाकात की। वार्ड 37 से पार्षद दीपक चौधरी ने बताया कि उन्होंने लेखा शाखा से वर्ष 2017 से 2019 तक के भुगतान की जानकारी मांगी थी।

पार्षद तो पहली अपना काम कर रहे हैं, लेकिन अधिकारीयों ईमान अभी तक जगा नहीं। उस मामले की जांच का अध्ययन किया गया तो बड़ा घोटाला सामने आया। इसकी शिकायत उन्होंने निगमायुक्त डॉ. यश गर्ग से की थी। उन्होंने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया। 16 अगस्त को अचानक लेखा शाखा के रिकॉर्ड रूम में आग लग गई। उनके मुताबिक, जांच में पता चला कि आग जान-बूझकर लगाई गई है।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More