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आखिर क्यों हरियाणा के उप मुख्यमंत्री के आदेश का, विरोध कर रहे भाजपा नेता टेकचंद शर्मा

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा राइट टू रिकॉल बिल लाने की पेशकश किए जाने के बाद इसको लेकर अब राजनीति गर्म होने लगी है। भाजपा नेता भी अब इस बिल के खिलाफ लामबंद होने लगे है।

इसी कड़ी में पृथला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता पं. टेकचंद शर्मा ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि अगर इसे लागू ही करना है तो पहले लोकसभा और फिर विधानसभा पर लागू करना चाहिए, उसके बाद ही सरपंचों पर लागू किया जाना चाहिए। अगर इस बिल को लाया गया तो इससे गांवों में विकास कार्य तो बाधित होंगे ही साथ ही साथ आपसी भाईचारे की भावना पर भी इसका विपरीत असर पड़ेगा।

श्री शर्मा आज गांव सीकरी स्थित अपने कार्यालय पर गांवों से आए मौजिज लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे राइट टू रिकॉल बिल को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और इसका पुरजोर विरोध भी करेंगे। उन्होंने कहा कि पृथला विधानसभा में ग्रामीण क्षेत्र आता है, जिसमें सरपंचों को विकास कार्य करवाने में किस तरीके की परेशानी आती है वह अच्छी तरीके से जानते हैं इसलिए राइट टू रिकॉल सरपंचों पर लागू नहीं होना चाहिए। यदि सरपंचों पर राइट टू रिकॉल लागू किया गया तो ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य प्रभावित होंगे वहीं इससे लोगों में आपसी भाईचारा भी बिगड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पहले सांसद और फिर विधायक पर इस कानून को लागू किया जाना चाहिए उसके बाद ही सरपंचों का नंबर आता है। उन्होंने सरपंच एकता मंच और सरपंच एसोसियशन प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि इस भाईचारे को बिगाडऩे वाले कानून को बनने से रोकने में मैं आप लोगों के साथ हू और मुख्यमंत्री को इससे होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराएंगे। इस अवसर पर उनके साथ मुख्य रूप से पंडित तेजपाल शर्मा मौजूद थे।

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