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फरीदाबाद जिला होगा देशभर में खिलौने सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा खिलौना कलस्टर उद्योग

विश्व भर में कोरोना वायरस चीन की देन है, इसमें कोई दो राय नहीं है। यही कारण है कि अब भारत में चीन निर्मित सामानों का बहिष्कार किया जा रहा है। इतना ही नहीं देश के प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी ने भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत में बनी वस्तुओं को अधिक से अधिक प्रचार करने पर जोर दिया हुआ है।

इसका कारण यह है कि कोरोना वायरस के कारण लागू हुए लॉकडाउन में देश का जीडीपी काफी हद तक गिर गया था। इससे देश की आर्थिक स्थिति लगभग आधी से भी कम हो गई थी, जिसे सुधारने में काफी लंबा समय लग सकता है।

इसी कड़ी में जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आयोजित हुए उनके खास कार्यक्रम मन की बात में खिलौने के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर सहमति जताई तो, इसके बाद से ही फरीदाबाद के उद्योगपतियों में खुशी की लहर दौड़ थे वह देखी जा सकती हैं।

अगर अब भारत में चीन निर्मित खिलौने का बहिष्कार किया जाएगा तो देश में बने खिलौने बनाने के लिए फरीदाबाद जिला कलेक्टर के तौर पर सभी जगह भारत में बने खिलौनों को सप्लाई करने का हब बन सकेगा। अगर ऐसा होता है तो देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश में फरीदाबाद जिला भी किसी से कम नहीं होगा।

वैसे तो फरीदाबाद को औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाता है। अगर खिलौने बनाने के लिए भी फरीदाबाद कलेक्टर के रूप में सप्लाई करेगा तो अब फरीदाबाद के नाम खिलौने उद्यमी का खिताब भी जल्द होगा।

फरीदाबाद के उद्यमियों का मानना है कि प्लास्टिक इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाने के लिए स्कीम फरीदाबाद में है। ऐसे में यह जिला कलेक्टर का रूप लेकर पूरे देश को खिलौने सप्लाई कर सकता है।

इससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा उद्योगी सिटी फरीदाबाद में 70 प्रतिशत खिलौने वर्तमान समय में चीन से आयात होते हैं, परंतु फरीदाबाद में करीब 10 वर्ष पहले एक खिलौना बनाने की कंपनी थी वह भी यहां से दिल्ली जा चुकी है।

अधिकांश खिलौने भारत में चीन से मंगवाए जाते हैं। यहां होलसेल में सबसे ज्यादा खिलौने चीन से ही आते हैं। जब से चीन से आने वाले खिलौने पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है तब से आयात में काफी कमी आई है।

वहीं इस पूरे मामले में एनआईटी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा के भाई मुनेश शर्मा जो एक खिलौने के थोक व्यापारी हैं। उन्होंने बताया कि चीन निर्मित खिलौने के बहिष्कार करने के बाद इसमें अब काफी कमी आई है।

उन्होने बताया कि सरकार ने एक्साइज ड्यूटी 20 से बढ़ाकर 60 फ़ीसदी तक कर दी है। सीजीएसटी 12 से बढ़ाकर 18 फ़ीसदी कर दिया गया इससे व्यापार में कमी आई है।

उन्होंने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा भारत को अभी भी खिलौने के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में समय लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि चीन ने खिलौना निर्माण के लिए अलग से पूरा शहर बसाया हुआ।

एक पूरा शहर केवल जहां लोग प्लास्टिक से बने खिलौने बनाने का काम करते हैं। ऐसे ही कुछ शहरों रोबोट आइटम भी मनाते हैं। परंतु फरीदाबाद में खिलौने उद्योग शुरू करने के लिए आईएमटी जैसे कई सेक्टर सरकार के पास हैं। ऐसे में यहां खिलौने के उद्योग आसानी से लगाया जा सकते हैं। इससे देश आत्मनिर्भर होगा।

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