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तुलसी का पौधा वरदान है, जानिए तुलसी के बड़े फायदे और इसके लाभ

भारत की संस्कृति सबसे प्राचीन है। भारत देश सबसे प्राचीन है। भारत से ही योग और आयुर्वेद निकला है। भारत के अधिकांश घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। हमारे ऋषियों को लाखों वर्ष पूर्व तुलसी के औषधीय गुणों का ज्ञान था इसलिए इसको को दैनिक जीवन में प्रयोग हेतु इतनी प्रमुखत से स्थान दिया गया है। आयुर्वेद में भी तुलसी के फायदों का विस्तृत उल्लेख मिलता है।

पहचान फरीदाबाद अपने पाठकों के लिए हमेशा नई – नई जानकारियां लेकर आता है। हम आपको बताएंगे आपको तुलसी के गुणों, तुलसी के उपयोग और आयुर्वेदिक महत्व के बारे में।

कोरोना महामारी के कारण लोगों का भरोसा आयुर्वेद में बहुत अधिक बढ़ा है। तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी औषधि मनुष्य जाति के लिए दूसरी कोई नहीं है।

सनातन धर्म में धरती से लेकर वायु तक को देवता माना गया है और तुलसी के धार्मिक-महत्व के कारण हर-घर आगंन में इसके पौधे लगाए जाते हैं। तुलसी की कई प्रजातियां मिलती हैं। जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख हैं। इन्हें राम तुलसी और कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है। चरक संहिता और सुश्रुत-संहिता में भी तुलसी के गुणों के बारे में विस्तार से वर्णन है। तुलसी का पौधा सामान्तया 30 से 60 सेमी तक ऊँचा होता है और इसके फूल छोटे-छोटे सफेद और बैगनी रंग के होते हैं। इसका पुष्पकाल एवं फलकाल जुलाई से अक्टूबर तक होता है।

योग से निरोग आसानी से हो सकते हैं। महामारी कोरोना ने योग के प्रति भी हमें जागरूक किया है। यौन रोगों के इलाज में भी इसका उपयोग होता है। पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है।

भारतीय संस्कृति में बहुत से औषधीय पौधें हैं। पीरियड्स की समस्या में अक्सर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का भी नियमित किया जा सकता है। अगर आपको सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते को पानी में अच्छी तरह से पकाकर उसका काढ़ा पीने से फायदा होता है।

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