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भारतीय रेलवे ने ये जानबूझकर किया या फिर महामारी को बनाया बहाना

भारतीय रेलवे ने ये जानबूझकर किया या फिर कोरोना को बनाया बहाना, इन दिनों क्या आम क्या खास सभी कोरोना महामारी से परेशान हैं। सभी अपने-अपने हिसाब से अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी जीने को मजबूर हैं और जैसे-तैसे करके अपना गुज़र-बसर कर रहे हैं। अब ऐसे में लोगों के रोज़गार तक छिन गए हैं।

अगर बेरोज़गारी के साथ-साथ मंहगाई की करें तो, इस दौर की मंहगाई ने आम लोगों की मानो रीढ़ की हड्डी ही तोड़कर रख दी है। अब ऐसे में कई खबरें तो ऐसी भी निकलकर सामने आ रही हैं। जिनमें ये देखने को मिलता है कि दाम बढ़ा दिए गए हैं, और ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ज़्यादा लोगों की भीड़ ना जुटे। हमने शराब की दुकानों पर भी ऐसा ही कुछ दिन पहले देखा था।

भारतीय रेलवे ने ये जानबूझकर किया या फिर महामारी को बनाया बहाना

अब ऐसी ही एक और ख़बर सामने निकलकर आ गई है, जिसके तहत भारतीय रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट का चार्ज बढ़ा दिया है। और ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ज़्यादा लोग प्लेटफॉर्म पर इक्ट्ठा ना हों। और सबसे बड़ी बात ये कि इस प्लेटफॉर्म टिकट के चार्ज में थोड़ी बहुत नहीं बल्कि 400 प्रतिशत बढ़ाया गया है।

यानि कुल मिलाकर यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर छोड़ने जाने वालों की संख्या ज़्यादा ना हो, भीड़भाड़ ज़्यादा ना हो, सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन हो सके इसके लिए ये ठोस कदम उठाया गया है। बतादें कि दक्षिण पश्चिम रेलवे ने गुरुवार को प्लेटफार्म टिकटों की कीमत में 400 फीसद की वृद्धि करने की घोषणा की। दक्षिण पश्चिम रेलवे का कहना है कि इस कदम से कोरोना काल में रेलवे प्लेटफार्मो पर भीड़ बढ़ने से रोका जा सकेगा।

भारतीय रेलवे ने ये जानबूझकर किया या फिर महामारी को बनाया बहाना

चुने हुए रेलवे स्टेशनों पर टिकट की कीमत 10 रुपये से 50 रुपये की गई है। जानकारी के मुताबिक एक विज्ञप्ति में दक्षिण पश्चिम रेलवे ने कहा है कि प्लेटफार्म टिकटों की कीमत में अस्थायी वृद्धि की गई है। नई दर क्रांतिवीरा सांगोली रायान्ना सिटी रेलवे स्टेशन, बेंगलुरु छावनी और यशवंतपुर रेलवे स्टेशनों पर लागू होगी।
12 सितंबर से बेंगलुरु डिवीजन से सात जोड़ी ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी।

यह पहले से जारी विशेष ट्रेन सेवाओं के अतिरिक्त होंगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे का मानना है कि प्लेटफार्मो पर भीड़ रोकने के लिए आगंतुकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। यह कोविड-19 के फैलने पर रोक लगाने में भी मददगार होगा। रेलवे प्लेटफॉर्म टिकट की दरों को कोरोना वायरस महामारी के शुरुआती दिनों से ही नियंत्रित करता आया है। इससे पहले पुणे रेलवे डिवीजन ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया था।

भारतीय रेलवे ने ये जानबूझकर किया या फिर महामारी को बनाया बहाना

इस संदर्भ में रेलवे प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि पुणे जंक्शन द्वारा प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपये रखने का उद्देश्य अनावश्यक रूप से स्टेशन पर आने वाले लोगों पर रोक लगाना है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म टिकट से आप दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर रह सकते हैं अर्थात आपको दो घंटे तक अपने परिजनों को प्लेटफॉर्म तक छोड़ने या उन्हें वहां से लेने की अनुमति मिलती है।

इसे आप ऑनलाइन यूटीएस एप के जरिए ही खरीद सकते हैं। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से आपको प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलती। हालांकि इसके इस्तेमाल के लिए आपको गार्ड सर्टिफिकेट की भी जरूरत होगी, जो आपको गार्ड द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

भारतीय रेलवे ने ये जानबूझकर किया या फिर महामारी को बनाया बहाना

तो कुल मिलाकर इस तरह से आपको अबसे प्लेटफॉर्म टिकट के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। अब इस तर्क से आमजन कितना संतुष्ट होगा ये तो आमजन को ही बताना होगा, लेकिन कुछ लोगों के मुताबिक तो इसपर यही कहा जा रहा है कि कोरोना की मार के चलते हम गरीबों पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ तो कोरोना हमें निगलने को तैयार है और वहीं दूसरी तरफ मंहगाई डायन हमें खाय जात है।

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