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दुश्मनों के लिए ‘काल’ बनेगा राफेल , भारतीय वायुसेना में हुआ शामिल

  • वायु शक्ति की क्षमता को बढ़ाएगा

10 सितंबर हिंदुस्तान के ऐतिहासिक पल जब फ्रांस द्वारा निर्मित बहु भूमिका वाले पांच राफेल लड़ाकू विमानों को गुरुवार को अंबाला एयर बेस पर हुए शानदार समारोह में भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के बाद पांच राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल होने से वायु शक्ति की क्षमता को बढ़ाया है।

सर्व धर्म पूजा के बाद राफेल लड़ाकू विमान औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए। राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद दुश्मनों के खिलाफ इसे बड़ी बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।

अंबाला में वायुसेना के बेड़े में बाहुबली राफेल को औपचारिक रुप से शामिल किया है। LAC और LOC के बीच जारी विवाद के बीच पांच राफेल लड़ाकू विमानों को वाटर कैनेन से सलामी देकर वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इस ऐतिहासिक लम्हे का गवाह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांसिसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली बनीं।

भारतीय वायुसेना के बेडे़ में राफेल विमानों के शामिल होने पर
दुश्मनों के खिलाफ बड़ी बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राफेल का IAF के बेड़े में शामिल होना भारत और फ्रांस के बीच के प्रगाढ़ संबंधो को दर्शाता है। भारत और फ्रांस लंबे समय से आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदार रहे हैं।

मजबूत लोकतंत्र के प्रति हमारी आस्था और सम्पूर्ण विश्व में शांति की कामना, हमारे आपसी संबंधो के आधार हैं। इस लड़ाकू विमान में लगे हथियारों की पाकिस्तान और चीन के पास कोई विकल्प नहीं है। राफेल में सबसे खतरनाक हथियार स्कैल्प पीएल-15 एमराम मिसाइल लगी है। इससे चीन और पाकिस्तान की हालत खराब हो जाएगी।

चलिए अब राफेल की खासियत बताते है जिससे पड़ोसी मुल्क की नींद गायब हो गई है। राफेल दो इंजनों वाला बहुउद्देश्यीय फाइटर जेट है। परमाणु आयुध का इस्तेमाल करने में सक्षम है। राफेल हवा से हवा में और हवा से जमीन पर हमले कर सकता है। राफेल अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। प्लेन के साथ मेटेअर मिसाइल भी है। 150 किमी की बियोंड विज़ुअल रेंज मिसाइल है। हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल है। अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किमी. तक मारक क्षमता है। 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम है।


पाकिस्तान के पास अमेरिकी F-16 फाइटर जेट है, तो वहीं चीन के पास अपना बनाया जे-20 लड़ाकू विमान है। आपको बता दे कि अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रही भारतीय वायु सेना के लिए इस दिन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदलने की ताकत रखने वाला राफेल इसी दिन से उसके लड़ाकू विमानों के बेड़े की शान बन गया।

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