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किसानों के मुद्दे पर हरियाणा के कृषि मंत्री का बयान, सरकार किसानों पर आंच तक नहीं आने देगी ।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों पर आंच नहीं आने देगी। विपक्षी पार्टियां किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं लेकिन प्रदेश का किसान जागरूक और समझदार है, वह विपक्ष के बहकावे में आने वाला नहीं है।

कृषि मंत्री आज भिवानी में पत्रकारों को संबोधित रहे थे। श्री दलाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के हित में तीन नए अध्यादेश लागू किए हैं, इन अध्यादेशों के लागू होने से किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को अपनी फसल बिक्री के लिए छूट दी गई है और किसी भी प्रकार से एमएसपी कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब वन नेशन वन मार्केट की तर्ज पर किसानों को अपनी उपज किसी भी राज्य में ले जाकर बेचने की आजादी होगी।

इससे कृषि उपज का बाधा मुक्त अंतर-राज्य व्यापार संभव हो सकेगा। किसानों को अपना उत्पाद मंडी तक ले जाने की बाध्यता नहीं होगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1956 में संशोधन कर अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्याज और आलू जैसी वस्तुओं को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने का फैसला किया गया है। इस फैसले से उत्पादन, भंडारण, ढुलाई और वितरण करने की आजादी से व्यापक स्तर पर उत्पादन करना संभव होगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश 2020 को भी स्वीकृति दे दी है। यह अध्यादेश किसानों को शोषण के भय के बिना समानता के आधार पर सामानों की खरीद बिक्री की आजादी देगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के लिए एक देश एक बाजार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 किसानों को उनकी उपज देश में किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। अब यह सचमुच वन नेशन वन मार्केट होगा।

उन्होंने विस्तार से आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रदेश में वर्ष 2013-14 में खाद्यान उत्पादन जहां 153.54 लाख मी.टन था वहीं 2018-19 में किसानों को समय पर बीज खाद, कीटनाशक दवाइयों तथा समुचित मात्रा में नहरी पानी मिलने पर उत्पादन बढकऱ 181.44 लाख मी.टन हो गया है। प्रदेश में फसल बीमा के नाम पर किसानों को वर्ष 2005 से 2014 तक महज 164.30 करोड़ रुपए दिए गए, जबकि 2016 से 2019 तक किसानों को 2545.96 करोड़ रुपए देकर प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसान हितैषी होने का प्रमाण दिया है।

गन्ना उत्पादन की बात की जाए तो प्रदेश में 2014 तक गन्ने की औसत पिराई 437.24 लाख क्विंटल थी, जो वर्ष 2018-19 में बढकऱ 645.31 लाख मी.टन हुई है। वर्ष 2005 से 14 तक गन्ने का औसत उत्पादन जहां 48 लाख क्विंटल था जो कि भाजपा की सरकार आने के बाद 2014 से 2019 तक बढकऱ औसत उत्पादन 66.45 लाख टन हुआ है।

उन्होंने बताया कि बिजली की सरचार्ज माफी योजना की बात की जाए तो भाजपा सरकार ने फरवरी 2020 तक 1,11,877 उपभोक्ताओं के 23.79 करोड़ रुपए सरचार्ज माफ किया है। इसी प्रकार से वर्ष 2013-14 किसानेां को बिजली सब्सिडी के रूप में 4853.40 करोड़ रुपए का लाभ मिला, जबकि वर्ष 2019-20 में 6856.02 करोड़ करोड़ रुपए का लाभा मिला है। वर्ष 2014 से 2020 तक प्रदेश में 21 नई अनाज मंडियों का निर्माण किया गया और 11 नई सब्जी मंडियों का निर्माण किया गया है ताकि प्रदेश के किसान अपनी फसल व सब्जी की बिक्री में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। कोरोना काल में भी किसानों को उनके घर द्वार के नजदीक खरीद केंद्र स्थापित करके उनकी रबी फसलों की सरकारी खरीद की ओर से किसान को कोई दिक्कत नहीं आने दी। प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। गुरुग्राम में फूलों की मंडी खोली जा रही है। सोनीपत में मसाला मार्केट बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मंडियों को और अधिक आबाद कर रही है।

कृषि मंत्री श्री दलाल ने बताया कि दूध उत्पादन की बात की जाए तो वर्ष 2013 में प्रदेश में 74.42 लाख टन दूध का उत्पादन होता था जबकि 2018-19 में 107.28 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ है। प्रति व्यक्ति की उपलब्धता की बात की जाए तो वर्ष 2013 में 800 ग्राम उपलब्धता थी जो 2018-19 में बढकऱ 1087 ग्राम हुई है। इसी प्रकार से किसानों के हित के लिए पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए पशु किसान क्रेेडिट कार्ड योजना शुरु की गई है। प्रदेश में 5000 किसानों को पशु किसान क्रेडिट कार्ड बांटे गए हैं। 52 हजार किसानों के पशु किसान के्रडिट कार्ड को बैंक द्वारा मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में 86 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए गए हैं। किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध करवाने के लिए कस्टमर हायर सेंटर स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में तालाब प्राधिकरण की स्थापना की गई है और एफपीओ बनाए गए हैं। प्रदेश में पशुधन बीमा योजना के तहत 2.72 लाख पशुओं का बीमा किया गया है।

कोरोना काल के दौरान भी प्रदेश में 50 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पशुपालन व कृषि के साथ-साथ मच्छली पालन को भी बढ़ावा दिया प्रदेश में फिलहाल 166794.40 मी.टन मच्छली का उत्पादन है। प्रदेश में 10332 सीधेतौर पर मच्छली पालन व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि 12168 किसान अन्य व्यवसाय के साथ अप्रत्यक्ष रूप से मछली पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश देश का ऐसा पहला प्रदेश है जहां पर ड्रिप इरीगेशन पर आधे हरियाणा में 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। शेष क्षेत्र में करीब 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में से ढ़ाई लाख करोड़ रुपए केसीसी के लिए मंजूर किए हैं। इस दौरान कृषि मंत्री ने नागरिकों की समस्याएं भी सुनी और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

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