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भ्रष्टाचार का एक और सच आया सामने,रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ हवलदार

भ्रष्टाचार एक ऐसा शब्द है जिससे शायद ही कोई अनजान होगा। सरकारी कर्मियों से लेकर आम जनता हर कोई भ्रष्टाचार के दलदल में धंस चुका है। कराने की दुकान वाले से लेकर सरकारी कर्मचारी तक सभी भ्रष्टाचार के आदी हो गए हैं। लेकिन अगर इसमें सबसे ज्यादा सफर करता है तो वह है देश की गरीब जनता।

भ्रष्टाचार का ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद खेड़ी पुल थाने से आया है। जिसमें खेड़ी पुल थाने में तैनात एक हवलदार को ₹3000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है । हवलदार का नाम इस्लाम है। वह बिजली आरती ठेकेदार से गड्ढा खोदने की एवज में रुपए की मांग कर रहा था।

शिकायतकर्ता वजीरपुर रोड निवासी संजीव कुमार घरों में बिजली आर्थिक का काम करते हैं। इसके लिए उन्हें बोरवेल की तरह जमीन में 30 से 40 फुट गहरा गड्ढा खोदना पड़ता है। 3 दिन पहले संजीत खेड़ी पुल थाना क्षेत्र के एक घर में आर्थिक का काम कर रहे थे। गड्ढा खोदने के लिए मशीन लगी थी तभी हवलदार इस्लाम वहां पहुंचे, उन पर बोरवेल करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी।

संजीत कुमार के मुताबिक उन्होंने हवलदार को बताया भी की बोरवेल नहीं कर रहे आर्थिक के लिए गड्ढा कर रहे हैं मगर हवलदार नहीं माने, उसने ₹5000 की मांग कर डाली 3 दिन तक जब हवलदार संजीत कुमार को लगातार फोन करता रहा तो तंग आकर उन्होंने विजिलेंस से शिकायत करदी। विजिलेंस इंस्पेक्टर त्रिभुवन ने टीम गठित कर ₹3000 पर पाउडर लगाकर संजीव कुमार को दिया।

ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम खेड़ी पुल नाके के पास हवलदार इस्लाम के आसपास खड़ी हो गई। तभी संजीत कुमार ने उसे 3000 रुपए दिए। विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। संजीत कुमार ने बताया कि उनके पास हवलदार को देने के लिए ₹3000 नहीं थे उन्होंने दो भारी गेहूं बेचकर रुपए जुटाए थे।

यह भ्रष्टाचार की सिर्फ एक घटना है लेकिन ऐसी कई घटनाएं हैं जिसके कारण एक गरीब इंसान को अपना पेट काटकर रिश्वत भरनी पड़ती है। लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिरकार कब यह देश भ्रष्टाचार मुक्त बनेगा??

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