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दिल्ली मेट्रो के इंद्रधनुष में जुड़ा 10वां रंग, दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन है मेट्रो

लगभग साढे पांच महीने के बाद देशभर की दिल्ली मेट्रो पटरी पर लौट आई है। मेट्रो का संचालन शुरु होने से लोग काफी खुश हैं। हालाकि ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम ही देखने को मिली। मेट्रो में सरकार की गाइडलाइंस और सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ख्याल रखा गया।

तो वहीं, एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच फेज-4 में बन रहे नए मेट्रो कॉरिडोर को सिल्वर कलर कोड दिया गया है। यानी यह लाइन सिल्वर लाइन के नाम से जानी जाएगी।

दिल्ली मेट्रो के इंद्रधनुष में जुड़ा 10वां रंग, दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन है मेट्रो

कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के बाद मेट्रो ने रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली में एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच फेज-4 में बन रहे नए मेट्रो कॉरिडोर को सिल्वर कलर कोड दिया गया है। यानी यह लाइन सिल्वर लाइन के नाम से जानी जाएगी। एक लंबे अंतराल के बाद दिल्ली मेट्रो पटरी पर सरपट दौड़ रही है।

दिल्ली मेट्रो के इंद्रधनुष में जुड़ा 10वां रंग, दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन है मेट्रो

कोरोना संकट के बीच दिल्ली मेट्रो के इंद्रधनुष में 10वां रंग जुड़ गया है। दिल्ली मेट्रो ने फेज-4 के 3 कॉरिडोर्स के लाइन नंबर और कलर कोड जारी कर दिए हैं। तुगलकाबाद-एरोसिटी यानी लाइन 10 को सिल्वर लाइन कहा जाएगा। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर यानी लाइन 7 का नाम पिंक लाइन एक्सटेंशन होगा। उधर, जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम रूट लाइन 8 होगा और इसे मजेंटा लाइन एक्सटेंशन के नाम से जाना जाएगा।

दरअसल, कोरोना को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों के लिए खास तैयारी की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन प्रमुख मंगू सिंह ने अभी हाल में जानकारी देते हुए बताया था कि, दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के स्टेशनों पर अब ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

दिल्ली मेट्रो के इंद्रधनुष में जुड़ा 10वां रंग, दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन है मेट्रो

इन स्टेशनों पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड काम करेंगे। इसके अलावा यात्री मोबाइल फोन के जरिए भी यात्रा कर पाएंगे। डीएमआरसी के मुताबिक यात्री अब मोबाइल के जरिए ही स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट कर सकते हैं। कार्ड या टोकन की जरूरत नहीं होगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह इंतजाम किए हैं।

सरकार की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक कोच में हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाना है। इसके लिए सीटों पर मार्किंग की गई है कि, यात्री कहां बैठ सकते हैं और कहां नहीं। ट्रेन में प्रवेश और स्टेशन पर भीड़भाड़ के प्रबंधन के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं।

साथ ही, मेट्रो ट्रेनों और स्टेशनों पर साफ-सफाई बढ़ा दी गई है।स्टेशनों पर हर 4 घंटे पर ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट, लिफ्ट, टोकन वेंडिंग मशीन इत्यादि की साफ सफाई की जा रही है। हर टर्मिनल स्टेशन पर पहुंचने के बाद मेट्रो के कोच को सैनिटाइज किया जा रहा है।

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