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अब बैंको द्वारा बेरोजगारों को मिलेगी आर्थिक सहायता ,जानिए क्या होंगे नियम

औद्योगिक नगरी बल्लभगढ़ के साथ-साथ जिला फरीदाबाद में सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार बेरोजगारो को रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए बैंको द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान किया जा रही है। इसके लिए बेरोजगार लोगों को प्रशिक्षण देने के उपरांत बैंको के माध्यम से अलग अलग योजनाओं के अनुसार सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। यह बात जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक डॉ. अलभ्य मिश्रा ने बैंकों की जून तिमाही 2020-21 की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में संबोधित करते हुए कही।

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने कहा कि जिला के सभी बैंकों में कुल जमा राशि 46 हज़ार 250 करोड़ तथा बैंकों द्वारा प्रदत बकाया ऋण 24 हजार 228 करोड़ है। जिला मे ऋण जमा अनुपात 52.5 प्रतिशत है। जो कि जून 2019 तिमाही के सापेक्ष जमा राशियों में 12.78 प्रतिशत वृद्धि और अग्रिम ऋण में 4.48 प्रतिशत की कमी प्रदर्शित करता है। जिला मे बैंकों द्वारा प्राथमिक क्षेत्र में 11 हजार 603.5 करोड़ रुपये की धनराशि जो कुल ऋण का 47.8 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि कृषि हेतु अग्रिम 652.3 करोड़ रुपये की धनराशि तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के अंतर्गत 7951.9 करोड़ रुपये की धनराशि का ऋण बकाया है। यह कुल ऋण राशि का 32.7 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि विगत तिमाही में जिला के बैंकों द्वारा कृषि क्षेत्र में 90.6 करोड़ रुपये, एमएसएमई में 1 हजार 075.4 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ कुल प्राथमिक क्षेत्र में 1 हजार 484.6 करोड़ रुपये की धनराशि, गैर प्राथमिक क्षेत्र में 1 हजार 668.7 तथा कुल 3 हजार 163.6 करोड़ रुपये की धनराशि का ऋण वितरित किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि पशुओं के रख रखाव हेतु पशु किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत बैंकों द्वारा 1 हजार 947 करोड़ रुपये की धनराशि के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। घुमंतू विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर) हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में जारी स्कीम प्रधानमंत्री स्वनिधि में पोर्टल पर 1 हजार 530 करोड़ रुपये की धनराशि के ऋण आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं, जिसमें से बैंकों द्वारा 373 पत्रावली मूल तथा सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत की जा चुकी है।

हरियाणा सरकार द्वारा संचालित www.atamnirbhar.haryana.gov.in पोर्टल पर मुद्रा शिशु लोन, डीआरआई/DRI तथा शिक्षा ऋण ऑनलाइन आवेदित किए जा रहे हैं। इसमें अभी तक 500 से अधिक ऋण आवेदन प्राप्त हुए है। जिन्हें बैंक अति शीघ्रता से निपटाने में लगे हैं। डीआईसी, केवीआईसी, एनयूलएम, एनआरएलएम, एचएसएफडीसी, DIC, KVIC, NULM, NRLM, HSFDC विभागों के अधिकारियों द्वारा भी अपने अपने विभागों की बैंक शाखाओं में लंबित पत्रावलियो पर जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सभी बैंकों को निर्देश दिए कि पशु केसीसी, पीएम स्ट्रीट वेंडर, आत्मनिर्भर पोर्टल पर आवेदित मुद्रा शिशु लोन तथा अन्य सरकारी योजनाओं से लंबित ऋण पत्रावलीयों का जल्द से जल्द निपटान करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकांश बडे प्राइवेट बैंकों व समस्त बैंकों को पशु केसीसी तथा पीएम स्वनिधी के अंतर्गत ऋण पत्रावलियों को 7 दिवस के अंदर निस्तारित कर जिला अग्रणी कार्यालय को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। इसी प्रकार नाबार्ड के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने हेतु बैंकों को अधिक आए अर्जित करने वाले व्यवसाय जैसे डेयरी पालन, मत्स्य पालन मधुमक्खी पालन, फल व सब्जी प्रसंस्करण हेतु बैंकों द्वारा ऋण देने पर बल दिया गया है। जिला की समस्त बैंकों द्वारा कृषि एमएसएमई/MSME तथा अन्य सभी प्राथमिक क्षेत्र के ऋण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है तथा आगामी 30 सितम्बर 2020 से पहले सभी लंबित पत्रावली का निस्तारण कर अधिक से अधिक ऋण वितरण कर संबंधित बैंक को आवंटित लक्ष्यों की पूर्ति को संज्ञान में लिया गया। बैंकों को जमा योजनाओं तथा ऋण वितरण के साथ-साथ प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जीवन, प्रधानमंत्री ज्योति योजना, अटल पेंशन योजना रुपए कार्ड, जनधन खाते को खोलना व आधार लिंकेज आदि पर बल दिया गया है।

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