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टीचर्स को स्कूल में प्रवेश हेतु कराना होगा कोविड-19 टेस्ट

कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में जहां अनलॉक प्रक्रिया के दौरान अभी तक शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों के लिए खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी वही अनलॉक 4 हरियाणा सरकार ने सोमवार यानी 22 सितंबर से जिले के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों को आने की अनुमति दे दी।

बताते चलें कि सरकार ने इसके लिए कई कड़े एवं आवश्यक नियम बनाए हैं जिसके तहत सबसे पहले तो केवल अभी नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ही विद्यालयों को खोलने की अनुमति दी गई हैं।

सरकार के साथ-साथ विद्यार्थियों को लेनी होगी अपने ही अभिभावकों की सहमति

कोरोनावायरस से जहां अभी तक सभी स्कूल बंद थे लेकिन छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के जरिए शिक्षा प्रदान की जा रही थी ऐसे में अब केवल छात्र विषय संबंधी समस्याओं को पूछने के लिए स्कूल आ सकेंगे। उन्हें अभिभावक से सहमति पत्र भी लाना होगा। स्कूल खोलने की अनुमति मिलने के बाद से ही स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।

इस पूरे प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर ने कही यह बात

शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर वर्मा ने सभी स्कूलों को सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का सर्कुलर जारी किया। प्रत्येक स्कूल में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी फरीदाबाद एवं बल्लभगढ़ की खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी है
कोरोना संक्रमण से 22 मार्च से विद्यालय बंद चल रहे हैं। अब सरकार ने चरणबद्ध तरीके से खोलने का फैसला किया है

बिना कोरोना रिपोर्ट अध्यापक नहीं कर सकेंगे स्कूल में प्रवेश

इसके तहत सोमवार को नौंवी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल जाएंगे। इससे पूर्व विद्यालय प्रबंधन ने छात्रों के बीच उचित दूरी बनाए रखने की व्यवस्था की है। अध्यापक कोरोना रिपोर्ट के बिना विद्यालय में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। शिक्षा विभाग ने सभी अध्यापकों कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए हैं और उसकी रिपोर्ट विद्यालय प्रमुख को देने के लिए कहा गया है। आउटडोर कक्षाओं की तैयारी पूरी हो गई है।

निजी विद्यालयों को कड़े करने होंगे इंतजाम ताकि छात्रों को एक दूसरे के संपर्क में आने से बचाया जा सके

स्कूल खोलने की अनुमति के बाद निजी विद्यालय प्रबंधन अपने स्तर पर इंतजाम कर रहे हैं, ताकि छात्र एक- दूसरे के संपर्क में नहीं आए। विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने आउटडोर कक्षाएं चलाने की योजना बनाई है। स्कूल प्रबंधन ने मैदान पर हट्स बनाए हैं। छात्रों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए बैठने की भी उचित व्यवस्था की है।

वहीं खुले में कक्षाएं लगाने से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का खतरा 70 फीसद तक कम हो जाता है। इसके अलावा आउटडोर कक्षाओं को सैनिटाइज करने की भी व्यवस्था की गई है। अध्यापकों की कोरोना जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। स्कूल खुलने से पूर्व सभी अध्यापकों की जांच हो जाएगी। जिले में दो हजार के करीब अध्यापकों की जांच होनी है।

गौरतलब, 12 मार्च से सभी शिक्षण स्थान बंद कर दिए गए थे, क्योंकि इस दौरान कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते हुए दिखाई दे रहे थे, जो अभी भी लगातार रफ्तार पकड़े हुए हैं। लेकिन छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें अब स्कूल जाने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन इसके लिए सरकार ने कई कड़े और सख्त नियम भी बनाए हैं। जिन नियमों को मानना छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

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