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इस व्यक्ति ने 60 साल की उम्र तक कूड़ा बीनकर अपने सपने को किया पूरा

क्या आपने किया अपना ख्वाब पूरा, क्या आपके सामने ये सब आया, अपना ख्वाब पूरा करने के लिए कोई ना कोई कुछ ना कुछ जतन ज़रूर करता है। कई बार लोगों के ख्वाब पूरे हो जाते हैं तो कई बार अधूरे ही रह जाते है। कई बार देखा ये भी गया है कि ख्वाब पूरा करने के चक्कर में पूरा जीवन खप जाता है। लेकिन कहते हैं ना कि चाहे जो हो बस बात बननी चाहिए।

इसी के तहत हम आपको एक युवक के बारे में बताने जा रहे हैं। एक ऐसा युवक जो अपनी ज़िद्द के आगे अपनी मन की इच्छा को पूरा कर ही लेता है लेकिन वक्त ज़रूर लग जाता है।

यहां आपको बतादें कि एक शख्स ने 60 साल की उम्र तक कूड़ा बीनकर अपने ख्वाब को पूरा करने का काम किया है। बतादें कि तमिलनाडु में कूड़ा बीनने वाले ए नल्लाथम्बी भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं। बताते चलें कि जीवन भर पाई-पाई जोड़ने वाले नल्लाथम्बी ने अपनी हमउम्र प्रतिमा के लिए 10 लाख रु खर्च किए।

नल्लाथम्बी ने अपनी जमा पूंजी यानी 10 लाख रुपये से जमीन का एक टुकड़ा खरीदा और फिर वहां अपनी 5 फुट ऊंची पत्थर की प्रतिमा स्थापित की। नल्लाथम्बी ने बताया कि जब वो छोटे थे तो वो नाम कमाना और अपना स्टैच्यू बनवाना चाहते थे।

लेकिन अब उनका अपना ख्वाब पूरा हो गया है। बतादें कि नल्लाथम्बी पहले राजमिस्त्री के तौर पर काम करते थे लेकिन करीब 20 साल पहले घरेलू झगड़े के बाद उन्होंने घर छोड़ा दिया था। नल्लाथम्बी तमिलनाडु के सलेम जिले के अथानुरपट्टी गांव के रहने वाले हैं।

उनकी पत्नी और बच्चे अब भी उनके पैतृक गांव में रहते हैं। उन्होंने अपने ख्वाब को पूरा करने के लिए, तब से पाई-पाई जोड़ रहे थे जब वो राजमिस्त्री का काम करते थे।

60 साल की उम्र तक उन्होंने करीब 11 लाख रुपये जोड़े। 10 लाख में उन्होंने वझापाड़ी-बेलूर गांव रोड पर दो प्लॉट 1200 स्क्वायर फीट के खरीदे। इसके बाद उन्होंने एक स्थानीय मूर्तिकार से बात की और एक लाख रुपये खर्च कर अपनी लाइफ साइज प्रतिमा बनवाई।

बतादें, कूड़ा बीनकर वो रोजाना 250 से 300 रुपये कमा लेते थे। और इसमें अपना जीवन भी यापन किया करते थे और इंहीं पैसों में से पैसे बचाया भी करते थे। इसी तरह से उन्होंने धीरे-धीरे 11 लाख रूपए की रकम जमा की, लेकिन ऐसा करते-करते उन्हें 60 साल लग गए।

60 साल की उम्र में उन्होंने अपने जीवन का सपना पूरा किया है। कहते हैं ना कि ज़िद करो, दुनिया बदलो, यानी कुल मिलाकर ज़िद करने से ही मंज़िल मिलनी आसान हो जाती है, अब वक्त कितना लगे इसके बारे कोई नहीं जानता है।

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