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महामारी के दौर में घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हैं पुरुष, किए जा रहे हैं प्रताड़ित

महामारी के इस दौर में महिलाओं के साथ साथ पुरुष भी घरेलू प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। शहर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमे पुरुषों को उनके परिवार की महिलाओं द्वारा पीटा गया है। कहीं माँ ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर बालिक बेटे को पीटा है, तो कहीं पत्नी ने पति के साथ सख्ती बरती है।

एक ई क्लीनिक द्वारा आयोजित किए गए सर्वे में इस बात का खुलासा किया गया है। यह शोध इस बात की पुष्टि करता है कि महामारी के दौर में लॉकडाउन के चलते पुरुषों को भी शोषण का शिकार होना पड़ा है।

महामारी के दौर में घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हैं पुरुष, किए जा रहे हैं प्रताड़ित
महामारी के दौर में घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हैं पुरुष, किए जा रहे हैं प्रताड़ित

महामारी के संकट को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने जुलाई में ई क्लीनिक के साथ जनता के लिए सर्वे का आयोजन किया। इस मुहीम के तहत नगर निगम ने ई क्लीनिक का टोल फ्री नंबर सार्वजनिक रूप से जनता के लिए जारी किया था।

महामारी के दौर में नकारात्मक मानसिकता से लोगों को बचाने के लिए और अवसाद से बचाव के लिए इस नंबर को जारी किया गया। आपको बता दें कि निगम द्वारा जारी किए गए इस नंबर पर कुल 10 हजार अभिभावक कॉल कर चुके है। ई क्लीनिक द्वारा निकाले गए इस नंबर पर नागरिकों ने मनोविज्ञानिकों से बातचीत की।

महामारी के दौर में घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हैं पुरुष, किए जा रहे हैं प्रताड़ित
महामारी के दौर में घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हैं पुरुष, किए जा रहे हैं प्रताड़ित

ई क्लीनिक द्वारा निकाली गई रिपोर्ट में पाया गया कि 55 फीसद से अधिक युवा मानसिक अवसाद झेल रहे थे। 60 फीसद से अधिक उम्र के 15 फीसद बुजुर्गों में कोरोना का भय था। क्षेत्र में 1000 से ज्यादा महिलाएं और 100 से अधिक पुरुष प्रताड़ना का शिकार हुए हैं।

मनोविज्ञानिकों द्वारा मानसिक स्थिति को बेहतर रखने के लिए टिप्स भी दी गई हैं। चिकित्सकों ने लोगों से अपने मसलों को अपने आप ही सुलझाने की बात कही है। उनका मानना है कि बेहतर देख रेख और बातचीत से अवसाद से बचा जा सकता है। महामारी के इस दौर में सकारात्मकता का संचार होना जरूरी है।

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