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सांसद रहते हुए देखे सपनों को पूर्ण होता देख बहुत खुशी महसूस होती है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सांसद रहते हुए हांसी के विकास के लिए उन्होंने जो सपने देखे थे, आज उन्हें साकार होता देखकर बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि हांसी में आरओबी का उद्घाटन होने से यह मार्ग उमरा, सुल्तानपुर और खानक तक कनेक्ट होगा। यह पुल हांसी के विकास के लिए बेहद अबित होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह सांसद थे तो उन्होंने हांसी में दो पुलों के निर्माण के लिए प्रयास शुरू किए थे।

आज एक पुल का उद्घाटन हो गया है और उन्हें उम्मीद है कि तोशाम रोड पर बनने वाले पुल का निर्माण कार्य भी तेज गति से होगा। डिप्टी सीएम ने यह बात आज हांसी में नलवा-उमरा रोड स्थित रेलवे स्टेशन पर 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन अवसर पर उपस्थितगण को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर पुरातत्व-संग्रहालय एवं श्रम-रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक भी मौजूद थे।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कोरोना के बावजूद सरकार ने प्रदेश में विकास की गति को रुकने नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 53 स्थानों को छोड़कर शेष सभी रेलवे मार्गों को फाटक रहित किया जा चुका है। इस साल के अंत तक प्रदेश में कोई भी फाटक युक्त रेलवे मार्ग नहीं रहने दिया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 7.5 मीटर चौड़े व 752.58 मीटर लंबे इस दो मार्गी आरओबी इस क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी। रेलवे लाइन के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब को जाने वाले व भवन निर्माण की आवश्यक क्रेशर सामग्री ढोने वाले ट्रक आदि भारी वाहनों का यहां से गुजरना होता है। ट्रेन के आवागमन के दौरान प्रतिदिन कई बार फाटक बंद होने से यहां लंबा जाम लग जाता था लेकिन इस आरओबी के निर्माण से वाहनों का आवागमन निर्बाध गति से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण से हांसी के साथ-साथ प्रेमनगर, उमरा, सुल्तानपुर, कंवारी, रतेरा, मुजादपुर, धमाना, ढाणी गोपाल व मामनपुरा आदि गांवों के लोगों को काफी लाभ होगा।

वहीं डिप्टी सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे कृषि अध्यादेश पूरी तरह से किसानों के हित में हैं। उन्होंने कहा कि इन अध्यादेशों से किसानों के सामने फसलों को निर्धारित के अलावा देशभर में किसी भी अनाज मंडी में बेचने के मार्ग खुल गए हैं। अब तक एक स्थान का किसान किसी अन्य जिले में फसल बिक्री के लिए ले जाने की कोशिश करता था तो उसे एटीओ या मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा रोक लिया जाता था लेकिन नए अध्यादेशों के बाद किसान अपनी फसल को देश की जिस भी मंडी में अधिक भाव मिलेगा, वहीं बेचने के लिए ले जा सकेगा। उन्होंने फिर दोहराया कि किसानों की फसलों की पूर्व की भांति सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जारी रहेगी।

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